जम्मू के कटड़ा स्थित मां वैष्णो देवी भवन मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण हादसे में रकाबगंज स्थित कुम्हारपाड़ा निवासी जूता कारीगर दीपक कुमार का परिवार भी हादसे का शिकार हुआ है। कारीगर की मां सुनीता देवी (50), बेटी सेजल (11 माह) और साली भावना (11) की मौत हो गई। दीपक लापता हैं। वह 24 अगस्त को बेटी का मुंडन कराने परिवार के 9 सदस्यों के साथ जम्मू गए थे। घटना की जानकारी पर अन्य परिजन रवाना हो गए।
कुम्हारापाड़ा निवासी दीपक कुमार जूता कारीगर हैं। उनके छोटे बहनोई प्रमोद कुमार ने बताया कि दीपक की तीन साल की बेटी एंजिल हैं। उन्होंने मन्नत मांगी थी। इसलिए बेटी का मुंडन कराने के लिए दीपक परिवार के साथ मां वैष्णो देवी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। उनके साथ पत्नी मोना (26), बेटी एंजिल, 11 महीने की बेटी सेजल, पिता अर्जुन सिंह, मां सुनीता देवी, कोटली बगीची निवासी बहन जैसमिन, बहनोई मोहित और साली भावना भी गए थे।
बुधवार दोपहर को जैसमिन ने दिल्ली में रहने वाली बड़ी बहन नीलम को फोन किया। बताया कि वह लोग हादसे का शिकार हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती हैं। दीपक का पता नहीं चल रहा है। इस पर नीलम ने प्रमोद को काल करके जानकारी दी। जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। दीपक के चाचा राजू जम्मू के लिए चल दिए। मगर ट्रेन रद होने की वजह से उन्हें दिल्ली से कार में सफर करना पड़ा। बृहस्पतिवार सुबह तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। घटना का पता चलने पर दीपक के घर के बाहर पड़ोस के लोग जुट गए।