मैं गर्भावस्था के आठवें महीने में हूं। हर दिन मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में जनगणना की ड्यूटी कैसे कर पाऊंगी? यह दर्द भरी अपील है प्राथमिक विद्यालय मूसेपुर, लोधा में तैनात सहायक अध्यापिका नमिता रानी की। उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी से राहत की गुहार लगाई है।
नमिता रानी की संभावित डिलीवरी 30 मई 2026 को है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि इस अवस्था में घर से बाहर लंबे समय तक काम करना न सिर्फ कठिन, बल्कि उनके और गर्भस्थ शिशु के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है।
जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि गर्भवती, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगाना न केवल अमानवीय है, बल्कि शासन की मंशा के भी विपरीत है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आरएस कुरील का कहना है कि प्रशासन ने शिक्षकों की सूची जनगणना के लिए मांगी थी, जो उपलब्ध करा दी गई है।
