Janmashtami 2024 Why did Nandababa leave Gokul and come to Nandgaon Nandishwar Hill where Kanha's house

नंदीश्वर पहाड़ी
– फोटो : संवाद

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नंदबाबा का मंदिर जिस नंदीश्वर पहाड़ी पर बसा है उसे भोलेनाथ की पहाड़ी माना जाता है। यहां नंदबाबा के पिता परजन्यजी ने तपस्या भी की थी। इसके बाद उनके चार पुत्रों के बाद नंदबाबा हुए। इस पहाड़ी को कान्हा के लिए सुरक्षित जान श्रीकृष्ण के पालक पिता नंदबाबा ने अपने नाम से नंदगांव बसाया।

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मान मंदिर सेवा संस्थान की ओर से प्रकाशित पुस्तक रसीली ब्रज यात्रा में भी इसका उल्लेख है। इसमें बताया गय है कि देवमीढ की दो रानियां थीं। एक क्षत्राणि जिनसे शूरसेन हुए जो कि वासुदेव जी के पिता थे। दूसरी वैश्य कन्या जिनसे परजन्य जी हुए। यही नंदबाबा के पिता थे।

 



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