रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि व्यापार समझौते पर स्पष्ट किया कि अमेरिका से आलू आने वाला नहीं है, गेहूं नहीं आने वाला, धान नहीं आने वाला और न ही वहां से सब्जियां या दूध आने वाला है। भारत आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ चुका है और अब भारतीय किसानों की उपज विदेशों में जा सकती है।

जयंत चौधरी ने कहा कि इन सभी प्रयासों में किसानों के हित सर्वाेपरि रहेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे समझौता यूरोप के साथ हो, ऑस्ट्रेलिया, यूके या यूएस के साथ हर करार में यही शर्त रखी गई है कि किसान के कामकाज और अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। यदि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो वे स्वयं उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय लोकदल किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।अपने संबोधन के अंत में जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों को हिम्मत और आत्मविश्वास देने की जरूरत है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे किसान सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके। जयंत चौधरी ने बताया कि भारत सरकार की स्पष्ट नीति है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का विस्तार हो, भारत के उत्पादों को बेहतर दाम मिलें, देश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और विदेशी निवेश भारत में आए।



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