राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल ग्वालियर से हवाई यात्रा करने वाले झांसी और आसपास के यात्रियों की मुश्किलें पांचवें दिन भी कम नहीं हुईं। इंडिगो एयरलाइंस की करीब 20 उड़ानें रद्द होने से खासकर मुंबई और बंगलूरू जाने और वहां से आने वाले यात्री परेशान रहे। इंडिगो की हवाई सेवाएं बाधित होने से अब तक इस क्षेत्र के करीब 800 यात्री प्रभावित हुए हैं। अन्य विमानों का किराया चार गुना तक पहुंच गया है। इसलिए कई यात्रियों को ट्रेनों और साधनों का सहारा लेना पड़ा। कई यात्रियों को एयरलाइंस से पैसा वापस नहीं मिला। इससे परेशान यात्रियों का गुस्सा आसमान पर पहुंच गया।

यात्री बोले- पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई

झांसी में हवाई अड्डा नहीं होने से ज्यादातर यात्री ग्वालियर से फ्लाइट लेकर मुंबई, बंगलूरू, दिल्ली जैसे कई महानगरों के लिए यात्रा करते हैं। एयरलाइन इंडिगो की कई उड़ानें रद्द हाेने से झांसी और आसपास के यात्रियों पर भी असर पड़ा है। पहले से टिकट बुक होने के चलते वे यात्रा की तैयारी में थे, लेकिन ऐन मौके पर जब उन्हें उड़ान रद्द होने की खबर लगी तो परेशान हो गए। किसी को अपने रिश्तेदार की शादी में पहुंचना था तो किसी को अपनी नौकरी पर समय से पहुंचना था। इनमें कुछ यात्री तो ऐसे रहे जिन्हें ग्वालियर पहुंचने पर ही उन्हें उड़ान रद्द होने की सूचना मिली। ऐसे में अफरातफरी का माहौल रहा। कई यात्री अपने परिवार के साथ थे और उन्हें उड़ान रद्द होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

उड़ानें रद्द होने से जरूरी कार्य अटके

मुंबई जाने वाले झांसी निवासी यात्री प्राजकता मोरे ने बताया कि सोमवार को उन्हें मुंबई जाना था। उनकी फ्लाइट ग्वालियर से बुक थी। पूरी तैयारी थी, रात में कोई मैसेज नहीं मिला। ऐसे में वह परेशान हो गए। इस तरह के कई अन्य और यात्री हैं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। कहा कि उड़ानें रद्द होने से जरूरी कार्य अटक गए हैं। सर्दी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

टिकट का पैसा नहीं हुआ वापस, खान-पान के लिए भी हुए परेशान

बुंदेलखंड ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिरुद्ध रावत ने बताया कि इंडिगो की ओर से फ्लाइट कैंसिल होने के बाद कई यात्रियों का टिकट का पैसा वापस नहीं दिया गया। कुछ का हुआ है तो आधा-अधूरा। इंडिगो की इस कार्यशैली पर यात्रियों ने नाराजगी प्रकट की है। कहा कि वहीं दूसरी फ्लाइट में सीट बुक करने पर यात्रा चार गुनी तक महंगी पड़ रही है। यात्री न दूसरा टिकट खरीद पा रहे हैं, और न ही कैंसिल करके इतना नुकसान झेल सकते। यात्रा रद्द होने के बाद उनका रहने-खाने का भी ध्यान नहीं रखा गया। हवाई अड्डे पर अव्यवस्था बनी हुई है।

रेलवे स्टेशन पर बढ़ा दबाव, आरपीएफ अलर्ट

विमानों के रद्द होने से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में भीड़ ज्यादा हो रही है। इसके चलते सीटों के लिए मारामारी है। अचानक बढ़ी भीड़ की वजह से आरपीएफ स्टाफ भी प्लेटफॉर्म से लेकर फुट ओवरब्रिज तक घूम-घूमकर लोगों से धैर्यपूर्वक ट्रेन का इंतजार करने की अपील करता रहा।

यात्रियों का छलका दर्द 

झांसी निवासी मूर्ति पाराशर मुंबई में जॉब करती हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रहती हैं। गत रोज परिवार में शादी होने के चलते वह झांसी आई थीं। रविवार को उनकी ग्वालियर से फ्लाइट थी। हवाई अड्डा पहुंचीं तो जानकारी हुई कि उसे रद्द कर दिया गया है। इससे वह परेशान हो गईं। ऐसे में उन्होंने इंदौर के लिए ट्रेन पकड़ी और फिर बस से मुंबई का सफर किया।

झांसी निवासी अनादि रैना मर्चेंट नैवी में नौकरी करती हैं। उन्हें बंगलूरू पहुंचकर जहाज पकड़ना था। इसके लिए वह ग्वालियर पहुंचीं, लेकिन फ्लाइट न होने से परेशान हो गईं। उन्होंने अपना टिकट बुक कराया था लेकिन ऐन मौके पर ऐसा होने से उनका जहाज छूट गया। यह एयरलाइंस प्रबंधन की गंभीर लापरवाही है।



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