उप्र एवं मप्र में सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोरों के गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए सात शातिर चोरों को गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर ग्यारह मोटर साइकिल बरामद की है। गिरोह में किशोर भी शामिल थे। वही चोरी में मदद करते थे। पुलिस से बचने के लिए शातिर चोर नई बाइक के बजाये पुरानी चुराते थे। उसे ग्रामीण इलाकों में कम दाम में बेच देते थे। सातों शातिर चोरों के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी के 38 मामले दर्ज हैं। सातों आरोपियों के खिलाफ लिखा-पढ़ी करके पुलिस ने उनको कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसपी (सिटी) प्रीति सिंह ने बताया कुछ महीनों से बाइक चोरी के कई मामले सामने आए। पुलिस इस गिरोह का सुराग लगाने में जुटी थी। बुधवार रात सुराग मिलने पर पुलिस कोछा भावर के तालाबपुरा स्थित तालाब की पुलिया के पास पहुंची। यहां से कुछ युवकों को घेरकर पकड़ा गया। पूछताछ में चोरों के बड़े गिरोह का पता चला। गिरोह में शामिल सभी बदमाशों की उम्र 18-20 साल के बीच की है। इनमें प्रेमनगर के हंसारी मोहल्ला निवासी अभय राजा (19) उर्फ मोगली वाल्मीकि , सीपरी बाजार के पाल कॉलोनी निवासी रविंद्र पाल (20), नवाबाद के जेडीए कॉलोनी निवासी अजय खटीक (18), एरच के अचौसा गांव निवासी जयपाल (19) उर्फ मोनू पाल एवं सोमिल चौधरी (20), शिवपुरी (मप्र) निवासी मनोहर परिहार (20), समेत 14 वर्षीय बाल अपचारी शामिल है वहीं, पिछोर निवासी यस्सू भारती पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। इन सभी के खिलाफ नवाबाद, सीपरी बाजार, एरच आदि थानों में कुल 38 मामले दर्ज हैं। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने वहां छिपाकर रखी ग्यारह मोटर साइकिल बरामद की। उनके पास से दो तमंचा एवं ऑटो बरामद किया। ऑटो का इस्तेमाल भी चोरी में करते थे। पुलिस टीम में नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी निखिल कुमार, पवन प्रजापति, अजय यादव समेत अन्य मौजूद थे।
लॉक तोड़ने में माहिर है किशोर
चोरी की वारदात के लिए तीन-चार बदमाश एक समूह में जाते थे। सभी का वहां काम तय था। पूछताछ में बदमाशों ने पुलिस को बताया कि खास तौर से सरकारी कार्यालय, भीड़भाड़ भरे इलाकों से वह लोग बाइक चोरी करते थे। उन्होंने बताया बाइक खड़ी होने के बाद एक उनका एक आदमी बाइक स्वामी के साथ अंदर चला जाता था। गिरोह में शामिल किशोर सबसे शातिर है। पुरानी बाइक का लॉक आसानी से तोड़ देता था। उसके बाद दोनों बाइक लेकर वहां से गायब हो जाते थे। बाइक को सुनसान इलाके में छिपा देते थे। कुछ दिनों बाद सभी की नंबर प्लेट बदल कर मध्य प्रदेश समेत झांसी के ग्रामीण इलाकों में बेच देते थे। कम कीमत रखने से बाइक आसानी से बिक जाती थी। पिछले काफी समय से लोग बाइक चोरी कर रहे थे।
जल्दी अमीर बनने की चाहत में मोगली ने तैयार किया गैंग
बाइक चोरों के इस गिरोह का मास्टर माइंड के तौर पर अभय राज उर्फ मोगली का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक मोगली बेहद शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ सीपरी बाजार, नवाबाद में चोरी के छह मामले दर्ज हैं। इंटर के बाद अभय ने पढ़ाई छोड़ दी और जल्दी अमीर बनने के लिए जरायम की दुनिया में चला गया। एक बार वह जेल भी हो आया। जेल में ही उसकी मुलाकात रविंद्र से हुई। इसके बाद उसने धीरे-धीरे करके गैंग बनाना शुरू कर दिया। अभी उसके गैंग में सात बदमाश शामिल थे। पुलिस फरार हुए यस्सू को तलाश रही है।
