छह वर्षों में इस बार झांसी जिले में अप्रैल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में आए बदलाव के कारण इस महीने अब तक 17 मिलीमीटर पानी गिर चुका है। हालांकि, अब मौसम साफ रहने से पारा चढ़ने के आसार हैं।
मार्च में लगातार तापमान चढ़ने से भीषण गर्मी पड़नी शुरू हो गई थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया था। लेकिन एक के बाद दूसरे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने बदरी और बारिश देखने को मिली। इससे मौसम एकदम से बदल गया और तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहा। इस कारण खासकर अप्रैल में गर्मी का ग्राफ बहुत अधिक नहीं बढ़ सका। हाल ही में राजस्थान की ओर से आए पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले तीन दिनों में कभी बूंदाबांदी तो कभी ठंडी हवा चलने से गर्मी से राहत मिली।
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र में उपलब्ध डाटा के अनुसार 2021 और 2022 में जनपद में अप्रैल में बारिश नहीं हुई थी। 2023 में सिर्फ एक दिन पानी गिरा और 3.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसी तरह, 2024 और 2025 में ढाई-ढाई मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि, इस साल नौ मार्च तक 17 मिलीमीटर पानी गिर चुका है। ऐसे में जिले में छह वर्षों में इस बार सबसे ज्यादा वर्षा हुई है। बृहस्पतिवार को भी बादलों की आवाजाही के चलते अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से छह डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम पारा 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। उन्होंने बताया कि अब मौसम साफ रहने से तापमान में इजाफा होगा।
