शुक्रवार की शाम आंधी-बारिश ने पिछले सवा महीने से विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जा रहे अनुरक्षण कार्य की पोल खोल दी। आंधी से हंसारी स्थित 132 केवी की लाइन ट्रिप होने से शहरवासियों को घंटों अंधेरे में गुजारने पड़े। इस दौरान शहर के सभी फीडर बंद रहे।
पिछले 15 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक बिजली कंपनी की ओर से गर्मी की तैयारी के लिए अनुरक्षण कार्य कराया गया है। इस पर पैसा भी पानी की तरह बहाया, लेकिन शुक्रवार की शाम तेज आंधी और बारिश से हंसारी स्थित 132 केवी लाइन में खराबी आ गई, जिससे शहर के सभी 33 केवी के फीडर जवाब दे गए। पावर हाउसों से जुड़े फीडरों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को शाम करीब करीब तीन घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा। इसके चलते न केवल घरेलू उपभोक्ता परेशान हुए, बल्कि कारोबार भी बाधित रहा। रात में नौ बजे के बाद भी पुलिया नंबर नौ व अन्य कई इलाकों की बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी।
लाइन पर गिरा सूखा हुआ पेड़
बीकेडी और जीवनशाह के रास्ते में एक सूखा हुआ पेड़ नगर निगम फीडर की 11 केवी की लाइन पर गिर गया। इसके चलते शहर के सभी फीडर प्रभावित रहे। बिजली कंपनी की टीमों ने काम कर लाइनों को दुरुस्त किया। तब कहीं जाकर बिजली आपूर्ति शुरू हुई। वहीं, बीकेडी के सामने वाली इमारत में लगा विशाल होडिंग लाइन पर गिर गया। इससे लाइन फॉल्ट हो गई।
बृहस्पतिवार की रात भी परेशान रहे लोग
बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इसके चलते हंसारी का 33 केवी फीडर में तकनीकी खराबी के चलते झोकनबाग, जेल चौराहा व एमईएस के 11 केवी फीडर के इंसूलेटर पंचर हो गए थे। इस कारण रात में कई घंटों तक लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। मुन्नालाल पावर हाउस, हाइडिल व जेल चौराहा के फीडरों समेत अन्य में खराबी के चलते अंधेरा छा गया। बिजली आने से पानी की सप्लाई भी बाधित रही।
आंधी- बारिश से हंसारी स्थित 132 केवी फीडर ट्रिप होने से शहर की बिजली गुल हो गई थी, लेकिन जल्द ही उसको दुरुस्त करा दिया गया।
पुष्कर सिंह, अधीक्षण अभियंता (नगरीय)
