आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण किस तरह हो रहा है, इसका खुलासा खुद शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में हुआ है। विभाग भले ही पोर्टल पर शिकायतों को निस्तारित दिखा दे रहे हों मगर झांसी में हर तीसरा शिकायतकर्ता इससे असंतुष्ट है। 19 विभागों का रिजल्ट तो शून्य रहा है।

आईजीआरएस पोर्टल पर 71470 शिकायती पत्र पहुंचे। 70467 शिकायतों का विभागों की ओर से निस्तारण किया गया। एक शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में दर्ज हुई। जबकि 1002 शिकायतें अब भी लंबित हैं। विभागों की ओर से जिन शिकायतों का निस्तारण किया जाता है, उनका शासन स्तर से फीडबैक भी लिया जाता है। बताया गया कि एक से 31 दिसंबर तक प्राप्त शिकायतों में से 1721 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री कार्यालय से फीडबैक लिया गया। 543 ने असंतोष जताया है। यानी कि विभागों की तरफ से निस्तारित की गईं शिकायतों से 31.55 फीसदी शिकायतकर्ता असंतुष्ट हैं। खास बात ये है कि 19 विभागों से तो शत-प्रतिशत शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले हैं। हालांकि, नवंबर की तुलना में रैंकिंग में एक पायदान का सुधार हुआ है। इस बार जनपद को प्रदेश में 31वीं रैंक मिली है।

ये 19 विभाग साबित हुए फिसड्डी

जनपद में जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ग्रामीण, मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, जिला युवा कल्याण अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत गरौठा में फीडबैक लेने पर असंतोषजनक स्थिति मिली है। वहीं, संपत्ति प्रबंधक आवास विकास परिषद, सहायक निदेशक मत्स्य, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, डायट प्राचार्य, सब रजिस्ट्रार मोंठ और मऊरानीपुर, मंडी सचिव, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत एरच, सामान्य प्रबंधक उद्योग, उप निदेशक निर्माण कृषि उत्पादन मंडी परिषद की फीडबैक लेने पर शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले हैं।



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