डकैती और रंगदारी के मामले में सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव आठ घंटे की रिमांड पर रहेंगे। इस दौरान उनके अधिवक्ता और परिजन साथ रह सकेंगे। शनिवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए जितेंद्र यादव की अदालत ने यह आदेश दिया।
पुलिस ने मांगी थी तीन दिन की रिमांड
विशेष अदालत में मोंठ पुलिस की ओर से पूर्व विधायक की रिमांड के लिए आवेदन किया गया था। दीपनारायण को डकैती के बकाया रुपये की बरामदगी के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने सोमवार के लिए केवल आठ घंटे की रिमांड का आदेश दिया। उल्लेख किया कि सोमवार सुबह दस से शाम छह बजे तक की रिमांड ली जाए। बुढ़ावली स्थित उसके घर ले जाकर पुलिस अपनी कार्रवाई करे। इसके बाद शाम छह बजे तक मेडिकल करा कर वापस जेल में दाखिल करे। इससे पूर्व अभियुक्त के अधिवक्ता मनीष यादव ने रिमांड न देने की बात कही लेकिन एडीजीसी राजेंद्र रावत ने तर्क दिया कि अभियुक्त को रिमांड पर लेना जरूरी है ताकि लूटी गई बकाया राशि की वसूली की जा सके।
अनिल यादव की रिमांड का देखा जाएगा वीडियो
विशेष न्यायालय ने पिछले दिनों दीप नारायण के करीबी अनिल यादव उर्फ मामा की रिमांड के दौरान पुलिस द्वारा की गई लापरवाही पर आपत्ति जताई। आदेश में कहा गया कि अनिल की रिमांड के दौरान उसके अधिवक्ता को पुलिस ने पहली मंजिल पर साथ नहीं आने दिया था। साथ ही कहा कि उसके कब्जे से कितने रुपये के नोट मिले हैं, इसका जिक्र नहीं है। इसका वीडियो देखकर मामले की जांच कराने को कहा।
