पहले इंस्टाग्राम से दोस्ती हुई, उसके बाद दोनों ने शादी रचा ली। पत्नी बेहद खर्चीले स्वभाव की निकली। इस वजह से उनके बीच विवाद शुरू हो गया। शादी के महज छह माह बाद मंगलवार को पति ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। वह परिवार का इकलौता पुत्र था। बुधवार सुबह उसका शव मिलने पर घर में चीख-पुकार मच गई। अब पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दो साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती
कोतवाली के सागर गेट बाहर रहने वाला ध्रुवराज कुशवाहा (19) पुत्र रामबाबू भगवंतपुरा में पटाखे की दुकान में काम करता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती राजस्थान के चुरू निवासी दीपिका से हुई। दोनों में चैटिंग होने लगी। ध्रुवराज उससे मिलने राजस्थान भी गया था। दोनों शादी करना चाहते थे। दीपिका के परिजन तैयार हो गए लेकिन ध्रुव के घर वाले राजी नहीं थे। ध्रुव की जिद देखकर आखिरकार वह भी मान गए। जून में उनकी शादी करा दी गई। दीपिका झांसी आकर रहने लगी। वह घूमने, शॉपिंग करने, बाहर जाकर खाना खाने की शौकीन थी। ध्रुव ज्यादा पैसा नहीं कमाता था। दीपिका को अधिक पैसा खर्च करने से वह रोकता था। इस बात पर उनके बीच झगड़ा होने लगा। दीपिका दूसरी शादी कर लेने की धमकी देती थी। 13 दिसंबर को नाराज होकर दीपिका मायके चली गई। ध्रुव परेशान रहने लगा।
छानबीन में जुटी पुलिस
7 जनवरी को ध्रुव के परिजन कामाख्या मंदिर गए लेकिन वह नहीं गया। उसकी बहन के मुताबिक सोमवार शाम भी भैया-भाभी के बीच फोन पर झगड़ा हुआ। ध्रुव ने यह बात अपनी बहन को बताई थी। कुछ देर बाद ध्रुव का फोन ऑफ हो गया। बुधवार को परिजनों के घर पहुंचने पर ध्रुव का शव ऊपरी कमरे में फंदे से लटका मिला। कोतवाली पुलिस भी पहुंची। कोतवाल विद्यासागर सिंह का कहना है कि छानबीन के दौरान पता चला कि घरेलू विवाद से ध्रुव तनाव में था। इस वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया।
फंदा लगाने की बात कहने पर भी नहीं पसीजा पत्नी का दिल
इकलौते भाई की मौत से उसकी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बहन विशाखा ने बताया कि भाई से सोमवार शाम को उसकी बात हुई थी। भाई ने दीपिका से फोन पर झगड़े की पूरी बात बताई थी। ध्रुव ने बताया कि उसने दीपिका को समझाने की कोशिश की लेकिन वह उसकी बात मानने को राजी नहीं हो रही थी। ध्रुव ने मनाने की गरज से कहा कि अगर वह नहीं लौटेगी तो वह फंदा लगाकर जान दे देगा। यह सुनने के बाद भाभी ने बोल दिया कि ठीक है फांसी लगाकर मर जाओ। यह बात सुनकर ध्रुव दुखी हो गया। उसका कहना है कि इसके बाद ही उसने फंदा लगाकर जान दी। ध्रुव से दो बहनें छोटी हैं जबकि उसके पिता रामबाबू ऑटो चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मां प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है।
