महानगर में एक ही वार्ड में मां-बाप के साथ बेटा-बहू भी सफाई कर्मी के तौर पर तैनात मिले। नगर निगम प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में यह बात सामने आई कि तमाम कर्मचारी पिछले कई साल से अपने निवास के सफाई वार्डों में ही तैनात हैं। उनकी कभी बदली नहीं हुई। ऐसे सफाई कर्मियों को चिन्हित किया गया था।
बुधवार को नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आदेश के बाद 268 सफाई कर्मियों कार्यक्षेत्र बदल दिया गया। एक साथ बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदलाव होने से पार्षदों समेत यूनियन नेताओं में बेचैनी दिखाई पड़ रही है। महानगर में सफाई इंतजाम के लिए नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स पर कुल मिलाकर 1,656 सफाई कर्मी काम करते हैं। भारी-भरकम फौज के बावजूद नगर निगम में सबसे अधिक शिकायतें सफाई न होने की आ रही है। पिछले दो माह से निगम अफसरों को भी निरीक्षण के लिए सड़कों पर उतारा गया। उस दौरान यह बात सामने आई कि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने निवास वाले वार्ड में तैनात हैं। इस वजह से समय पर नहीं आते। कुछ देर काम करके लौट जाते थे। एक ही परिवार के कर्मचारी भी तमाम वार्डों में तैनात मिले। कई वार्ड में माता-पिता समेत बेटा बहू भी तैनात पाए गए। रिश्तेदारों के एक साथ काम करने से कई कर्मचारी अक्सर गायब मिले। उनका काम रिश्तेदार करता पाया गया। इस रिपोर्ट के आने के बाद निगम प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित किया। बुधवार को एक साथ ऐसे 268 कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया गया हालांकि इनको दूरस्थ इलाकों में नहीं भेजा गया है।
