एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) अभियान में 70 फीसदी मतदाता गणना प्रपत्र के तीन में से एक ही भाग को भर पा रहे हैं। मतदाताओं को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या जानकारी दें। वहीं, बीएलओ भी उनकी इस दुविधा को दूर नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची कुछ लोगों को नहीं मिल पा रही है। वहीं, लोगों को भाग संख्या और पोलिंग बूथ की जानकारी न होने से परेशान हैं। घर-घर पहुंच रहे बीएलओ भी कह रहे हैं कि जितना भर सकते हैं, भर दें। बाद में देख लेंगे।

एसआईआर अभियान के तहत जब से घर-घर फार्म पहुंचना शुरू हुआ है, मतदाता असमंजस में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था और लगातार मतदान करते आ रहे हैं तो फिर प्रपत्र में इतनी ज्यादा जानकारी देने के लिए क्यों कहा जा रहा है। लोगों को संदेह है कि प्रपत्र का सिर्फ एक भाग भरने से कहीं उनका नाम सूची से कट न जाए। इतना हीं नहीं, कुछ लोगों तो बीएलओ से ही साल 2003 की मतदाता सूची मांग रहे हैं लेकिन बीएलओ का कहना है कि सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध है।

ऑनलाइन भी भर सकते हैं फॉर्म

वहीं, एडीएम प्रशासन और उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव प्रताप शुक्ला कहते हैं कि मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। वे प्रपत्र में जितनी जानकारी भर सकते हैं, उसे भरकर बीएलओ को सौंप दें। 90 फीसदी से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इसमें करीब 20 फीसदी प्रपत्र जमा भी हो चुके हैं। अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 को आधार बनाया गया है। मतदाता निर्वाचन आयोग के voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से गणना प्रपत्र ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

एक से अधिक गणना प्रपत्र भरने पर होगी जेल

कुछ मतदाता ऐसे होंगे, जिनका नाम किसी अन्य प्रदेश व जिले की मतदाता सूची में हो सकता है। उनके पास गणना फार्म पहुंच रहे होंगे। एसआईआर अभियान में ऐसे मतदाता एक से अधिक जगह पर गणना फार्म भरते हैं तो उन्हें एक साल की जेल होगी।

जिले में यह है स्थिति

कुल मतदाता- 1577337

कुल बीएलओ- 1601



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