ट्रेन के एसी कोच में सो रहे यात्रियों से कीमती सामान उड़ाने वाले गिरोह का जीआरपी ने पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों बिहार से आकर झांसी में वारदात कर रहे थे। उनकी निशानदेही पर 3.10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, आठ मोबाइल समेत कई महंगे ट्राली बैग बरामद हुए हैं। उनके खिलाफ झांसी, प्रयागराज, बनारस समेत महाराष्ट्र में चोरी के मामले दर्ज हैं। काफी समय से जीआरपी उनको तलाश रही थी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनको पकड़ा जा सका। गिरोह में शामिल तीन अन्य बदमाशों को भी तलाशा जा रहा है।
एसपी (जीआरपी) विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसी कोच में चोरी की वारदात सामने आ रही थी। खुलासे के लिए स्वॉट टीम लगाई गई थी। स्वॉट सुराग लगाने में जुटी थी। झांसी स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ युवक संदिग्ध परिस्थितियों में रोजाना आते-जाते दिखाई पड़ रहे थे। पुलिस उनका पता लगाने लगी। शनिवार को प्लेटफार्म नंबर 1/7 के दिल्ली छोर पर इनको खड़ा देख पुलिस ने पूछताछ के लिए रोका लेकिन, तीनों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने इनको घेरकर पकड़ा। बदमाशों ने अपना नाम मुंगेर निवासी रवीश पासवान, करम कुमार एवं बेगूसराय निवासी प्रशांत कुमार बताया। पुलिस को बताया कि गिरोह में छह लोग हैं। एसी कोच में रात के समय चढ़ जाते हैं। मौका मिलते ही यात्रियों के ट्राली बैग उड़ाकर चलती ट्रेन से उतर जाते हैं। उनके तीन अन्य साथी गौरव उर्फ लूला, अनिकेत व अमित उनके साथ वारदात करते हैं। 6 जनवरी को सीतापुर एक्सप्रेस, पनवेल एक्सप्रेस के एसी कोच ए-1 व एस-2 कोच में वारदात की थी। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रावेंद्र कुमार मिश्रा, स्वॉट प्रभारी संदीप संगेर, अखिलेश राय, आशुतोष तिवारी समेत अन्य शामिल थे।
