उल्दन थाना अंतर्गत एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की गला घोंटकर हत्या के मामले में पुलिस चार दिनों के भीतर हत्यारोपियों को तलाशने में कामयाब रही। उन तक पहुंचने में किशोरी का मोबाइल समेत गांव के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे मददगार बने। घंटों मशक्कत करके पुलिस ने हाईवे से लेकर गांव के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। गांव में कोटेदार के यहां लगे कैमरे की फुटेज से हत्यारोपियों का सुराग लगा। इसके बाद पुलिस उन तक पहुंच सकी।

किशोरी की अंतिम लोकेशन व सीसीटीवी से पकड़े आरोपी

7 अप्रैल की दोपहर में गांव के कुएं से किशोरी का शव बरामद हुआ था। पांच दिन पुराना हो जाने से यह काफी हद तक नष्ट हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। किशोरी की हत्या ने पुलिस महकमे में भी खलबली मचा दी। एसएसपी ने खुलासे के लिए थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव की अगुवाई में टीम बनाई। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तब गांव के कोटेदार के यहां लगे कैमरों में ठाकुर दास एवं शैलेंद्र संदिग्ध हाल में तीन अप्रैल की रात घूमते दिखे। उसका घर कुएं से महज 50 मीटर दूर था। पुलिस को मालूम चला कि 2 अप्रैल की दोपहर करीब 11:30 बजे किशोरी ने 300 रुपये से एक मोबाइल रिचार्ज कराया। दुकान से हेडफोन खरीदकर घर लौट रही थी। किशोरी के मोबाइल की अंतिम लोकेशन भी ठाकुर दास के घर के पास मिली। इस आधार पर ठाकुरदास पर शक हुआ लेकिन, वारदात के बाद से ही लापता हो गया था।

मुठभेड़ में हुए घायल

पुलिस ने उसे तलाशना शुरू किया। पुलिस को शैलेंद्र के बारे में भी पता चला। ठाकुरदास एक ईंट भट्ठे में जाकर छिप गया था। आखिर में रविवार को पुलिस मुठभेड़ में दोनों घायल हो गए। एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक दोनों आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है।



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