करीब एक सप्ताह से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की बुकिंग बंद होने से शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि यदि एक-दो दिन में गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई तो खानपान का कारोबार बंद करने की नौबत आ सकती है। उनका यह भी कहना है कि खाद्य विभाग ने हाल ही में जरूरत का 50 प्रतिशत व्यावसायिक गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो सका है। वहीं घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग न हो पाने से उपभोक्ता भी परेशान हैं।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब बुंदेलखंड क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। छह दिन पहले व्यावसायिक गैस सिलिंडर की बुकिंग पर रोक लगने के बाद जनपद में इसका असर साफ दिख रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और आवासीय विद्यालयों ने जो गैस का स्टॉक कर रखा था, वह अब खत्म होने के कगार पर है। चाय-नाश्ता और जलपान गृह संचालक भी चिंता में हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हुए तो उन्हें अपना कारोबार अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। फिलहाल कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री तैयार करने में कटौती शुरू कर दी गई है। वहीं प्रतिष्ठानों में चूल्हे के लिए कोयले या लकड़ी की व्यवस्था कर ली गई है। वहीं, अंबेडकर कॉलोनी, प्रेमनगर के निवासी जनरल सिंह ने बताया कि दो दिन से रामराजा गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए फोन कर रहा हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। पूर्ति निरीक्षक से बात करने पर बताया गया कि सर्वर डाउन है।
दूसरे दिन भी बंद पाई गई रामराजा एजेंसी
सिविल लाइन क्षेत्र स्थित रामराजा गैस एजेंसी दूसरे दिन शनिवार को भी बंद पाई गई। यहां पहुंचे उपभोक्ताओं के सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो सकी।
