रिश्वत कांड में पकड़े गए सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय कुमार शर्मा से अब सीबीआई पूछताछ करेगी। मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों अफसरों की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली। बुधवार को तीनों को लखनऊ जेल से अपनी सुपुर्दगी में लेने के बाद सीबीआई कार्यालय लाकर उनसे पूछताछ की जाएगी। विशेष अदालत ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की एक दिन एवं टैक्स अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी और अजय कुमार शर्मा की तीन दिन की रिमांड मंजूर की है।
31 दिसंबर को तीनों अफसर हार्डवेयर कारोबारी राजू मंगतानी से रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ सीबीआई ने पकड़ा था। सीबीआई ने कारोबारी राजू मंगतानी एवं अधिवक्ता नरेश शर्मा को भी गिरफ्तार किया था। जय अंबे प्लाईवुड फर्म के लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी भी इस मामले में नामजद किए गए थे। सीबीआई ने इसके बाद तीनों सीजीएसटी अफसरों के झांसी और दिल्ली के ठिकानों पर छापा मारकर 90 लाख रुपये समेत सोने-चांदी के जेवरात एवं संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे।
तीनों सीजीएसटी अफसरों का कराया जाएगा आमना-सामना
घूसखोरी प्रकरण की तह तक जाने के लिए सीबीआई पहली दफा तीनों अफसरों का आमना-सामना कराएगी। रिश्वत कांड में सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को दिल्ली से पकड़ा था जबकि अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा झांसी से पकड़े गए थे। इसके बाद से तीनों अलग-अलग जेल में बंद हैं। रिश्वतकांड में तीनों अफसरों की भूमिका जानने के लिए सीबीआई आमने-सामने करके पूछताछ करेगी। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के लिए 75 से अधिक सवालों की एक विस्तृत प्रश्नोत्तरी तैयार की गई है। पिछले बीस दिनों की छानबीन के दौरान सीबीआई के हाथ जो भी सबूत हाथ आए हैं, उसके बारे में भी इनसे पूछा जाएगा। सीबीआई को झांसी में अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा की तमाम बेनामी संपत्ति का पता चला था। दोनों के पास आई इस अकूत संपत्ति के बारे में भी सीबीआई पूछताछ करेगी। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी से पूछताछ के लिए भी सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार की गई है। इस पूरे मामले में अभी तक डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की भूमिका सबसे रहस्यमयी रही है।