जिला पंचायत नहीं मनमानी पंचायत है। सदस्यों की सुनवाई नहीं होती है। जो प्रस्ताव दिए जाते हैं उन पर काम नहीं होता। करोड़ों की एलईडी लाइटें लग गईं और जल नहीं रही हैं। पिछले साल बैठक में अध्यक्ष के कहने के बाद भी फर्म को ब्लैक लिस्ट नहीं किया। भुगतान से पहले अधिकारी को कमीशन देने की बात कर्मचारी कहते हैं। ये आरोप मंगलवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने लगाए। जिला पंचायत अध्यक्ष से एक सदस्य की जमकर बहस भी हुई।
मांगी गई क्षेत्र में हुए कामों की सूची
नौ महीने बाद हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही। सदस्यों ने अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्य बृजेंद्र यादव ने कहा कि मौजूदा बोर्ड के हर सदस्य को उनके क्षेत्र में हुए कामों के रिकॉर्ड की सूची दें। पिछली दो बैठकों से नहीं दी जा रही है। इस बार भी प्रस्तुत नहीं की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम बोले कि वर्ष 2021 से 2026 तक हुए कामों की सूची 10 दिन में सभी सदस्यों को उपलब्ध करा देंगे। फिर बृजेंद्र बोले कि हर साल पूरा बजट खर्च नहीं हो पाता है। भ्रष्टाचार भी चरम पर है। 15 करोड़ से अधिक की लाइटें सभी 24 सदस्यों के क्षेत्रों में लगी थीं, जो कि जल नहीं रही हैं। पिछली बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ने ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही थी। अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि यदि फर्म ने नियम-शर्त का पालन नहीं किया है और अनुरक्षण का काम सही से नहीं हो रहा है तो फर्म को काली सूची में डालें।
भुगतान के पहले मांगा जाता है कमीशन
जिला पंचायत सदस्य नृपेंद्र यादव ने कहा कि सात साल से एक ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया है। बाबू को फोन करते हैं तो वह अधिकारी को पहले कमीशन भिजवाने की बात कहते हैं। साक्ष्य के तौर पर उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग भी है। आईजीआरएस पर इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। जिला पंचायत अध्यक्ष बोले कि ठेकेदार कोई शिकायत करने आ नहीं रहा है। सदस्य को नसीहत दी कि भुगतान के चक्कर में न पड़ें। विकास कार्य पर ध्यान दें। वहीं, सदस्य रजनी गौतम ने कहा कि जो प्रस्ताव दिए जाते हैं, उन पर काम नहीं होता। जो प्रस्ताव दिए ही नहीं जाते, वे काम होने लगते हैं। कहीं ज्यादा काम कराए दिए गए, कहीं काम ही नहीं हुआ। कार्यों के शिलान्यास, लोकार्पण में भी सदस्य को नहीं बुलाया जाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष बोले कि छह महीने तक एएमए का पद रिक्त था। फिर अभियंता का तबादला हो गया। अभी लेखाकार जिला पंचायत कार्यालय से संबद्ध है, जो सप्ताह में तीन दिन रहते हैं। अब जिन भी कामों का कार्यादेश जारी होगा, उसके शिलान्यास में सदस्य को बुलाया जाएगा।
सिर्फ कोरम पूरा करने की बुलाई जाती है बैठक
जिला पंचायत सदस्य विवेक राजपूत ने कहा कि पांच साल से अपनी बात रख रहे हैं लेकिन कुछ होता नहीं है। सवाल किया कि क्या सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए बैठक होती है। बरल में हॉटमिक्स प्लांट लगा है, इससे किसानों की खेती खराब हो रही है। गलत दिशा से गाड़ियां आने से हादसे का खतरा रहता है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने संबंधित विभाग से कार्रवाई करने के लिए कहा। इसके बाद विवेक राजपूत बोले कि ग्राम बरल से मोड़ तक सड़क बनाने के लिए प्रस्ताव उन्होंने दिया और ये सदस्य रोहित राजपूत के नाम से सूची में दर्ज कर दिया गया। जैसे ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मिस प्रिंट हो गया होगा, इस पर विवेक आक्रोश में आ गए। बोले कि ये जिला नहीं मनमानी पंचायत है। सदस्यों की सुनवाई नहीं होती है। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हो जाते हैं। जो काम जरूरी हैं वह होते नहीं हैं। अध्यक्ष बोले कि बैठक की मर्यादा रखकर बोलें। अध्यक्ष पर ठेकेदार और कर्मचारी का बचाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कभी सदस्यों का साथ नहीं दिया। अध्यक्ष बोले कि आराम से बात करें तो सदस्य ने कहा कि पांच साल से आराम से ही बात करते आए हैं। आज बोर्ड बैठक का आखिरी दिन है, हमें जनता को जवाब देना है। संजीव निरंजन ने कहा कि सोलर लाइटें लगने के बाद ज्यादा बिल आ रहा है। बैठक में जवाब देने के लिए विद्युत विभाग का कोई अधिकारी न होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण तलब करने के लिए कहा। बैठक में सांसद अनुराग शर्मा, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, ब्लॉक प्रमुख भारती आर्य, जिला पंचायत सदस्य आशा गौतम, बालकिशुन, रोहित राजपूत, अमनदीप, चंदन, हेमंत सेठ मौजूद रहे।
