झांसी-कानपुर हाईवे (एनएच-27) छह लेन किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। भौतिक परीक्षण के लिए झांसी से उरई के बीच कई जगह से मिट्टी के नमूने एकत्रित किए गए। कंसलटेंसी एजेंसी ने कई जगहों पर भौतिक परीक्षण भी किया। एनएचएआई अफसरों ने सितंबर तक डीपीआर तैयार होने की उम्मीद जताई है।
झांसी-कानपुर हाईवे को फोर लेन से सिक्स लेन बनाया जाएगा। दो चरणों में काम कराया जा रहा है। पहले चरण में 135 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए एनएचएआई ने लासा (ली एसोसिएट साउथ एशिया) कंसलटेंसी फर्म को ठेका दिया है। उरई से बारा तक 62.8 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए दूसरी कंसलटेंसी फर्म सर्वे कर डीपीआर बनाएगी। पहले चरण में लासा ने सर्वे शुरू कर मिट्टी की जांच करनी शुरू कर दी है। अफसरों ने बताया कि मशीन से गहरी खुदाई कर मिट्टी में नमी और कठोरता की जांच की जाती है जिससे निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने की आशंका खत्म हो सके। डिप्टी मैनेजर एनएचएआई हेमंत मीणा ने बताया कि पहले चरण में झांसी-उरई के बीच डीपीआर तैयार कर रही कंसलटेंसी फर्म ने मिट्टी की जांच की है।
बदले परियोजना प्रबंधक, मनोज संभालेंगे चार्ज
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक अभिषेक लोदवाल का झांसी से स्थानांतरण हो गया है। उनकी जगह गांधीनगर से मनोज कुमार को नया परियोजना प्रबंधक बनाया गया है। अचानक अभिषेक लोदवाल का स्थानांतरण व मुख्यालय अटैच किए जाने की चर्चाओं के बीच विभागीय कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं।