कर चोरी के मामले में राहत देने के बदले करोड़ों रुपये की रिश्वत मांगने की आरोपी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा शुक्रवार देर शाम निलंबित कर दिए गए। डिप्टी कमिश्नर को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने निलंबित किया वहीं, अनिल एवं अजय शर्मा को सीजीएसटी कानपुर कमिश्नर रोशन लाल की ओर से निलंबित किया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई गई है। कर रियायत संबंधी इनके पुराने फैसलों की भी पड़ताल होगी। इन फैसलों के आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

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31 दिसंबर को सीबीआई ने झांसी में छापा मारकर सीजीएसटी अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा को 70 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था जबकि उनकी निशानदेही पर डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को दिल्ली से पकड़ा गया था। अनिल एवं अजय शर्मा को सीबीआई गिरफ्तार करके लखनऊ ले गई। यहां इनके खिलाफ बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के आरोप में नामजद मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। सीजीएसटी के प्रावधानों के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 48 घंटे के भीतर कर्मचारियों के निलंबन की कार्रवाई करनी होती है। इसके बावजूद सीजीएसटी अफसरों ने निलंबन कार्रवाई को काफी देर तक रोके रखा। चर्चा रही कि विभागीय जांच करने के अधिकारी को लेकर चल रहे मंथन की वजह से निलंबन में विलंब हुआ। शुक्रवार देर-शाम डिप्टी कमिश्नर समेत अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया।



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