तथ्यों को छिपाकर जारी कराए गए वारिसाना प्रमाणपत्र को एसडीएम गोपेश तिवारी ने जांच के बाद तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि उन्नाव गेट अंदर रहने वाले अनीस पुत्र मोहम्मद रसूल ने माता-पिता की मृत्यु के बाद तथ्यों को छिपाकर दो साल पहले वारिसान प्रमाणपत्र बनवा लिया था। अब तहसीलदार की जांच के बाद प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया।
एसडीएम ने अनीश के आवेदन पर लेखपाल झांसी खास की रिपोर्ट के बाद 16 अगस्त 2023 को वारिसाना प्रमाणपत्र जारी किया था। एक साल बाद अनीस ने प्रार्थना पत्र दिया कि उसके पिता की फर्जी पत्नी बनकर वारिसाना प्रमाणपत्र के लिए कोई नया आवेदन करता है तो उसे स्वीकार न किया जाए। क्योंकि उसके माता-पिता की मृत्यु के बाद कोई दूसरी मां नहीं है। इस पर एसडीएम को संदेह हुआ।
उन्होंने इसकी जांच कराई। तहसीलदार की जांच में ये तथ्य सामने आए कि मृतक मोहम्मद रसूल खां की दो पत्नियां जुबैदा बेगम एवं दूसरी मुन्नी थीं। इसमें जुबैदा की मृत्यु हो चुकी है। मृतक के दो पुत्र मोहम्मद अनीस एवं मोहम्मद रईश राईन एवं एक पुत्री है। मोहम्मद अनीस ने तथ्यों को छुपाकर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें मृतक की दूसरी पत्नी मुन्नी की जानकारी नहीं दी थी। एसडीएम गोपेश तिवारी ने तत्काल प्रभाव से प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है।