पश्चिम एशिया में युद्ध का असर अब बाजार में भी दिखने लगा है। रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ दालों के दामों में लगातार उछाल आ रहा है, इसमें करीब पांच प्रतिशत की तेजी आई है।
आयात होने वाले सामानों पर महंगाई की मार है। ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से सबसे ज्यादा असर खाने-पीने के सामानों पर पड़ा है। महंगाई का असर भोजन की थाली में भी दिखने लगा है। बाजार में अरहर दाल का दाम 130 रुपये किलो से बढ़कर 135 रुपये हो गया है। चना दाल 70 रुपये से बढ़कर 75 रुपये, मूंग छिलका दाल 110 से बढ़कर 115, उड़द छिलका दाल 115 से बढ़कर 125 रुपये और मसूर 75 से बढ़कर 80 रुपये हो गई है। चावल के दाम 70 से बढ़कर 80 रुपये हो गए हैं। रिफाइंड के दामों में 15 प्रतिशत की तेजी के साथ यह 150 से बढ़कर 165 रुपये हो गया है।
इनका यह है कहना
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण रोज खाने पीने के सामानों के दामों में उछाल आ रहा है। अगर जल्द युद्ध खत्म नहीं होता है तो महंगाई और बढ़ेगी।— राजकुमार गुप्ता, व्यापारी
दालों के दाम बढ़ गए हैं। रिफाइंड के भाव भी बढ़ रहे हैं। कुछ लोग तो महंगाई देखकर खाने के सामानों की जमाखोरी कर रहे हैं। — राकेश गुप्ता, व्यापारी, सुभाष गंज
