खनन माफिया शहर और उसके आसपास की पहाड़ियों को खत्म करने पर तुले हैं। शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित दिगारा गांव के पास करीब 200 फीट ऊंची पहाड़ी को खोद डाला। इसका अस्तित्व खतरे में है।
राजस्थान में जहां अरावली पर्वत शृंखला को खतरा पैदा हो गया है, वहीं झांसी में भी पहाड़ियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि झांसी-कानपुर हाईवे पर दिगारा गांव के पास स्थित प्राचीन ऊंची पहाड़ी जिसकी लंबाई आठ सौ मीटर से भी ज्यादा है, को खोद दिया गया है। मोरंग व पत्थर निकालकर इसका अस्तित्व खत्म किया जा रहा है। इस पर जो पेड़-पौधे लगे हुए थे वे खत्म हो गए। इस बारे में वरिष्ठ खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि पहाड़ी खोदने का काम पहले किया गया है। जांच कराएंगे।
मोरंग और पत्थर के लालच में लोगों ने दिगारा के पास की पहाड़ी के अस्तित्व को भी खतरे में डाल दिया है। पूर्व में पहाड़ी बहुत लंबी और चौड़ी थी लेकिन अब नहीं बची। इसकी सुरक्षा के लिए प्रयास किया जा रहा है। भानु सहाय, अध्यक्ष, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
