रेलवे में एसीएम पद के लिए होने वाली विभागीय परीक्षा में दिव्यांग कोटे का फर्जी इस्तेमाल करने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। तृतीय समूह के रेलकर्मियों ने वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा को शिकायती पत्र देते हुए दिव्यांग कोटे में आवेदन करने वालों के मेडिकल की जांच कराने की मांग की है।
रेलवे ने तृतीय समूह से सहायक वाणिज्य प्रबंधक पद के पदोन्नति के लिए होने वाली परीक्षा के लिए दिव्यांग कोटे से आवेदन मांगे हैं। प्रमोशन की चाह में कुछ लोगों ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन कर दिए। ऐसे कर्मचारियों का मेडिकल न कराते हुए प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें अभ्यर्थियों की सूची में शामिल कर लिया गया। इसकी जानकारी जब अन्य प्रतिभागियों को हुई तो आक्रोश फैल गया। मामले की लिखित शिकायत रेलकर्मियों ने वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा से की। आरोप है कि दिव्यांग कोटे से प्रमोशन लेने के लिए कर्मचारी फर्जी प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। शिकायती पत्र पर अनिल कौशिक, रंजीत, मोनिका शर्मा के हस्ताक्षर हैं।
शिकायत की कराई जा रही जांच
सिनियर डीपीओ राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि विभागीय परीक्षा में दिव्यांग कोटे से आवेदन करने वाले कर्मचारियों पर फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का आरोप लगाया गया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
