परिवहन मुख्यालय की ओर से झांसी और बांदा संभाग के लिए तीन-तीन हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन आवंटित किए गए हैं। इनकी खासियत यह होगी कि इसमें पीछे की सीट पर लेजर स्पीड गन के साथ हाईटेक कैमरा भी लगा है, जो एक किलोमीटर दूर से ही ओवरस्पीड वाहन का चालान करने में सक्षम है।
सड़क पर वाहनों की जांच के दौरान परिवहन विभाग के प्रवर्तन दस्ते को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नियम विरुद्ध चलने वाले वाहन तेज रफ्तार में भाग निकलते हैं। इस पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने प्रवर्तन दस्ते को अत्याधुनिक मशीनों से लैस इंटरसेप्टर (चेकिंग वाहन) मुहैया कराए हैं। इससे दिन हो या रात, ओवर स्पीड वाहन एक किलोमीटर दूर से ही इस लेजर गन की गिरफ्त में आ जाएंगे। इस दौरान इसका भी सुबूत रहेगा कि वाहन मानक से कितनी तेज गति से दौड़ रहा था। झांसी जोन के झांसी और बांदा संभाग के कई जिलों में ये वाहन सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते दिखेंगे।
इंटरसेप्टर में ये हैं खूबियां
इंटरसेप्टर कार में पीछे की सीट पर लेजर स्पीड गन लगाई गई है। इसमें हाईटेक कैमरा भी है, जो एक किलोमीटर दूर से ओवरस्पीड वाहन का चालान करने में सक्षम है। चालान होने के बाद तत्काल वाहन स्वामी के पास कार्रवाई का मैसेज भी पहुंच जाएगा। आग से सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र भी लगाया गया है। इसके अलावा, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर और प्रिंंटर भी इस वाहन में मौजूद रहेंगे।
झांसी जोन को छह इंटरसेप्टर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे सड़क पर नियम विरुद्ध फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों पर सख्ती की जाएगी। वहीं, अधिकारियों को भी इस वाहन से काफी सहूलियत होगी। – केडी सिंह, अपर परिवहन आयुक्त, झांसी जोन
