नगर निगम के खाते में 15वें वित्त आयोग के तहत मिली 23.17 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त दो महीने बाद भी खर्च नहीं हो सकी है। बजट खर्च करने के लिए विकास कार्यों की सूची पर अब तक मुहर नहीं लग पाई है, जिससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
फरवरी 2025-26 में नगर निगम को 15वें वित्त की दूसरी किस्त के रूप में 23.17 करोड़ रुपये मिले थे। इससे पहले नवंबर 2025 में भी इतनी ही राशि प्राप्त हुई थी। नवंबर में मिले बजट से कार्य शुरू हो चुके हैं, लेकिन हाल ही में मिली दूसरी किस्त अभी तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी है। 15वें वित्त आयोग की शर्तों के अनुसार, टाइड फंड का उपयोग केवल सफाई संबंधी कार्यों में किया जा सकता है, जबकि अनटाइड फंड से अवस्थापना संबंधी कार्य- जैसे सड़क, नाला निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और वायु गुणवत्ता सुधार कार्य कराए जाते हैं।
इन कार्यों के लिए प्रस्ताव पार्षदों की ओर से लगातार दिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक विभागों से प्रस्तावों का संकलन पूरा नहीं हो पाया है। योजना को अंतिम रूप देने के लिए गठित समिति, जिसकी अध्यक्षता महापौर करते हैं, अभी बैठक नहीं कर सकी है। समिति में जिलाधिकारी, जेडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता शामिल होते हैं। प्रस्तावों की सूची तैयार न होने से समिति की बैठक नहीं हो पा रही है, जिससे विकास कार्यों में देरी हो रही है।
कूड़ा उठान पर 18 करोड़ की देनदारी
15वें वित्त के टाइड फंड में नगर निगम को करीब 14 करोड़ रुपये मिले हैं। वर्तमान में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी पर नगर निगम का लगभग 18 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान भी इसी मद से किया जाना है।
15वें वित्त के तहत कराए जाने वाले कार्यों के लिए लोक निर्माण, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव मिलते ही समिति की बैठक कराकर मंजूरी दी जाएगी। – बिहारी लाल आर्य, महापौर
