ग्वालियर-झांसी हाईवे के पास 34 बीघा जमीन में बने मध्य प्रदेश के रेस्ट हाउस की बिजली बिल जमा न होने के कारण झांसी की विद्युत वितरण कंपनी ने काट दी थी। करीब दो साल से रोशनी की व्यवस्था नहीं है न ही पंखा-कूलर व एसी चल पा रहे हैं। लिहाजा यहां अतिथियों के रुकने की सुविधा नहीं है।
आरओबी के पास स्थित अरबों की जमीन पर भले ही लोक निर्माण विभाग मप्र का कब्जा है लेकिन इस जमीन पर बने रेस्ट हाउस में अब अंधेरा छाया रहता है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों ही इसे अपनी जमीन होने का दावा कर रहे हैं लेकिन करीब दो साल से इस रेस्ट हाउस की बिजली कटी हुई है। बिजली बिल के रूप में करीब ढाई लाख रुपये मप्र के लोक निर्माण विभाग को अदा करना है। कनेक्शन न होने के कारण रात में यहां मुख्य द्वार से लेकर रेस्ट हाउस तक अंधेरा पसरा रहता है। बिना बिजली के वाटर पंप भी नहीं चल पाता इसलिए पानी का भी प्रबंध नहीं है।
मध्य प्रदेश के जो अधिकारी (अतिथि) आते हैं वे दिन में रुककर चले जाते हैं। रात में रुकने की कोई सुविधा नहीं है। अंधेरा होने के कारण सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले जीव जंतुओं का यहां डेरा है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग दतिया के कार्यपालन यंत्री आदित्य कुमार सोनी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
