नगर निगम को आउटसोर्स कर्मचारी मुहैया कराने वाली आरएमएस सर्विसेज की दो साल लंबे गतिरोध के बाद आखिरकार विदाई हो गई। निगम के 1412 आउटसोर्स कर्मचारी अब अगले माह से नई आउटसोर्स कंपनी एफबी सर्विसेज में समाहित हो जाएंगे। लंबी प्रक्रिया के बाद बुधवार को नई कंपनी के नाम पर मुहर लग गई। आरएमएस सर्विसेज के साथ निगम का करार दो साल पहले खत्म हो चुका लेकिन अपनी मजबूत पकड़ के चलते कंपनी यहां डेरा डाले रही। तमाम शिकायतों का भी कोई असर नहीं हो रहा था लेकिन नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आने के बाद कंपनी को यहां से जाना पड़ा।

कार्यभार संभालते ही नगर आयुक्त ने शुरू की कार्यवाही

नगर निगम में काम करने वाले करीब 80 फीसदी कर्मचारी आउटसोर्स पर तैनात हैं। सफाई कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 1412 कर्मचारियों की आपूर्ति का जिम्मा वर्ष 2021 में लखनऊ स्थित आरएमएस सर्विसेज को दिया गया था। कंपनी से दो साल का करार हुआ था। वर्ष 2023 में करार खत्म हो गया लेकिन कंपनी यहां जमी रही। निगम अफसरों ने नई निविदा प्रक्रिया तक आरंभ नहीं की जबकि पार्षदों ने कई बार आपत्ति जताई। कंपनी पर तमाम अनियमितताओं समेत भ्रष्टाचार के आरोप लगे। शिकायतों के बाद तत्कालीन नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने टेंडर प्रक्रिया आरंभ कराई थी लेकिन तकनीकी अड़चनों के बहाने उसे फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आरएमएस सर्विसेज ने इसका जमकर फायदा उठाया। कार्यभार संभालने के बाद नगर आयुक्त आकांक्षा राणा तक यह बात पहुंची। उन्होंने प्रक्रिया तेज करते हुए एक महीने के भीतर चयन प्रक्रिया को अमली जामा पहना दिया।

इनका यह है कहना

नई कंपनी का चयन कर लिया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों को इसके जरिये नियोजित किया जाएगा। शासनादेश के तहत आउटसोर्स के तहत जितने भी कर्मचारी अभी काम कर रहे थे, उन सभी को नई कंपनी भी नियोजित करेगी। उसमें कोई हेरफेर नहीं की जाएगी। आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त



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