नववर्ष 2026 में बैंडबाजे और शहनाइयां खूब गूंजेंगी। नए साल में 65 से अधिक विवाह लग्न की शुभ तिथियां हैं। वहीं, 15 दिसंबर से खरमास शुरू होने पर सभी मांगलिक कार्य थम जाएंगे। सनातन धर्म में लग्न तिथियों में विवाह कार्य होते हैं। वर्ष 2025 में 15 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर विवाह सहित अन्य सभी मांगलिक कार्य थम जाएंगे।

ज्योतिषविद हरिओम थापक के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने तथा उत्तरायण होने पर मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। लेकिन दो फरवरी को शुक्र के उदय होने के पश्चात विवाह लग्न की शुभ तिथियां तीन फरवरी से शुरू होंगी। उनक अनुसार वर्ष 2026 में फरवरी से लेकर दिसंबर तक 65 से अधिक विवाह लग्न की शुभ तिथियां हैं। वर्ष 2026 में 14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास तथा 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहेगा। 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा। इसके पश्चात खरमास 16 दिसंबर से शुरू है। खरमास, अधिकमास एवं चातुर्मास में विवाह नहीं होते हैं। वहीं 23 जनवरी को वसंत पंचमी होगी।

लोक मान्यता के अनुसार इस शुभ अबूझ मुहूर्त तिथि पर विवाह कार्य होंगे। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार 19 मई को फूलेरा दोज, 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया, 22 जुलाई को भडली नवमी एवं 20 नवंबर को देव उठनी एकादशी है। विवाह के लए यह शुभ दिन है।



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