मोंठ तहसील के कुम्हरिया गांव के किसान ने सिंचाई के लिए बकुवां बुजुर्ग से पाइप और चिड़िया खरीदी थी, जो नकली निकली। पहली सिंचाई में ही पाइप फट गया। मटर की फसल डूबने के कारण खराब हो गई। उपभोक्ता न्यायालय ने दुकानदार को मय ब्याज के किसान काे रुपये वापस देने का आदेश दिया।
कुम्हरिया निवासी किसान वृषभान ने तीन मार्च 2022 को न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। बताया कि 16 दिसंबर 2021 को उसने बकुवां बुजुर्ग मैसर्स शिव पालीमैक्स के यहां पाइप खरीदने पहुंचे। दुकानदार ने एक पाइप की कीमत 580 रुपये बताई। उन्होंने 46 पाइप 26,680 रुपये के खरीदे और 21 चिड़िया 15,120 रुपये की ली। अन्य सामान सहित कुल 42,440 रुपये की खरीदारी की। दुकानदार ने पाइप के मुंह से उखड़ने पर पांच साल और फटने की एक सीजन की गारंटी दी थी। किसान ने उस साल मटर की फसल बोई थी। फसल की सिंचाई के लिए जैसे ही उसने पंप चलाया, पाइप फट गई। इससे उसकी मटर की फसल डूबकर नष्ट हो गई। उसने जब दुकानदार से पाइप वापस करने को कहा तो अभद्रता की गई। किसान ने न्यायालय में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने किसान को 41,800 रुपये मय ब्याज और मानसिक कष्ट के लिए तीन हजार और वाद व्यय के एवज में दो हजार रुपये देने का दुकानदार को आदेश दिया।
