नगर निगम अपनी जमीन सुरक्षित करने के लिए जोनवार अभियान चला रहा है। इसी अभियान में यह सामने आया कि निगम की जमीन पर लोग खेती तक कर रहे हैं। एक महीने में निगम प्रशासन 106 हेक्टेयर भूमि पर बोर्ड लगवा चुका है। इसमें 31.67 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त करवाई गई है।
महानगर में नगर निगम की काफी जमीन पर कब्जा हो चुका है। कई मामले कोर्ट में भी चल रहे हैं। कई जमीन तो शहर के बीचोंबीच होने से बेशकीमती है। इस पर नगर आयुक्त ने हंसारी, लहरगिर्द और पिछोर जोन के जोनल अफसरों को हर हफ्ते दो गाटों की जांच कर सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। जोनल अफसर हर सप्ताह गाटों को सुरक्षित कर रिपोर्ट भी दे रहे हैं।
पिछले एक माह में जांच के दौरान कब्जा मिलने पर हंसारी में 10.46 हेक्टेयर, पिछोर में 5.20 हेक्टेयर और लहरगिर्द जोन में 16.01 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई जा चुकी है। इसके अलावा, तीनों जोन में 75.20 हेक्टेयर भूमि बोर्ड लगवाकर सुरक्षित की गई है। यहां किसी तरह का कब्जा नहीं था। हालांकि, कुछ जगहों पर नगर निगम की जमीन पर अभी फसल भी लगी मिली है। ऐसे में निगम अफसर फसल कटने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही भूमि से फसल हटेगी, वैसे ही इस पर भी निगम प्रशासन बोर्ड लगवा देगा।
विकास परियोजनाओं के लिए निगम से भी ली जाती है जमीन
शासन की ओर से आने वाली विकास परियोजनाओं के लिए नगर निगम से ही भूमि मांगी जाती है। ऐसे में सुरक्षित की जाने वाली भूमि पर भविष्य में कई परियोजनाएं भी शुरू हो सकती हैं। इसके अलावा नगर निगम भी अपने स्तर से विकास कार्य करवा सकता है।
पिछले एक माह में तीनों जोन में नगर निगम की कुल 106.87 हेक्टेयर भूमि सुरक्षित करवाई जा चुकी है। इन सभी जगहों पर बोर्ड भी लग गए हैं। इस संबंध में हर हफ्ते जोनवार समीक्षा भी की जा रही है। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त
