नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त की दूसरी किस्त का भी पैसा मिल गया है। निगम के खाते में 23.17 करोड़ रुपये आने के बाद अब विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे। इसके अलावा, बकायेदारी का बोझ भी कम होगा।

बीते नवंबर में भी नगर निगम को 23.17 करोड़ रुपये मिले थे। तब नगर निगम पर लगभग 50 करोड़ रुपये की बकायेदारी हो गई थी। इस बजट से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी समेत अन्य बकाये का भुगतान किया गया। अभी भी नगर निगम पर 30 करोड़ रुपये से अधिक बकाया चल रहा है। इनमें कई बिल तो अकाउंट विभाग में पहुंचे ही नहीं हैं। स्वास्थ्य, निर्माण समेत अन्य विभागों में बिल रखे हुए हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि अब नगर निगम को 23.17 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी मिल गई है। बताया गया कि 15वें वित्त आयोग की शर्तों के मुताबिक टाइड फंड को सिर्फ सफाई कार्यों में खर्च किया जा सकता है। जबकि अनटाइड फंड में मिला पैसा नगर निगम अवस्थापना संबंधी कार्यों को कराने में खर्च कर सकता है। ऐसे में 9.27 करोड़ रुपये सड़क, नाला-नाली आदि के निर्माण पर खर्च होंगे। जबकि 13.90 करोड़ रुपये सफाई जैसी मूलभूत सहूलियतों पर खर्च किए जाएंगे।

हर पार्षद ने दे रखे हैं दो से तीन कामों के प्रस्ताव

हर पार्षद ने अपने-अपने वार्ड में सड़क, नाली समेत दो से तीन कामों के प्रस्ताव दे रखे हैं। पार्षद काम करवाने के लिए नगर निगम के चक्कर भी काट रहे हैं। अब बजट आने के बाद कई कार्य नगर निगम करवा सकेगा। पिछली किस्त से प्राप्त बजट से हाल ही में छह करोड़ के कामों के टेंडर भी निकाले गए हैं।

नगर निगम को 15वें वित्त आयोग के तहत 23.17 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्य करवाए जाएंगे। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण समेत अन्य बकाये का भी नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त



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