शासन ने सोमवार को नगर निगम के 10 मनोनीत पार्षदों की घोषणा कर दी। सूची में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ ही माननीयों के करीबियों को भी जगह दी गई है। खास बात यह है कि दो महिलाओं को भी मनोनीत पार्षद बनाया गया है। वहीं, दो ऐसे वार्डों में भी भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है, जहां वर्तमान में पार्टी का पार्षद नहीं है।
महानगर में नगर निगम के कुल 60 वार्ड हैं। 13 मई 2023 को आए निकाय चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 38 वार्डों में जीत दर्ज की थी। बाद में पार्टी के बागी समेत सात और पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद निगम सदन में भाजपा का दो-तिहाई बहुमत हो गया। शेष 15 वार्डों में विपक्षी दलों और निर्दलीय पार्षदों का कब्जा है।
नगर निगम में मनोनीत पार्षदों के 10 पद हैं। पिछले वर्ष से ही इन पदों पर नियुक्ति की कवायद चल रही थी। परंपरा के अनुसार सत्ताधारी दल ही अपने कार्यकर्ताओं को मनोनीत पार्षद बनाता है। इसी क्रम में भाजपा संगठन ने पर्यवेक्षक भेजकर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों से नाम मांगे थे। करीब 30 नाम सामने आए थे, जिनमें से संगठन स्तर पर 18 नाम शॉर्टलिस्ट किए गए। इसके बाद पार्टी नेताओं से चर्चा कर 10 नाम अंतिम रूप से तय कर शासन को भेजे गए। सोमवार को शासन स्तर से इन नामों की औपचारिक घोषणा कर दी गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार एक एमएलसी और एक अन्य जनप्रतिनिधि के करीबी को भी सूची में स्थान मिला है।
जातिगत समीकरण और अनुभव का रखा गया ध्यान
मनोनीत पार्षदों के चयन में भाजपा ने जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा है। विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही पार्टी से लंबे समय से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं को भी मौका दिया गया है।
रनरअप और पूर्व पार्षदों के पति को भी मौका
भाजपा ने मनोनीत पार्षदों की सूची में पूर्व पार्षद प्रत्याशी को भी स्थान दिया है, जो वार्ड पांच से चुनाव लड़कर दूसरे स्थान (रनरअप) पर रही थीं। इसके अलावा दो पूर्व पार्षदों के पतियों को भी मनोनीत पार्षद बनाया गया है।
इन्हें बनाया गया मनोनीत पार्षद
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला मंत्री धर्म करौसिया, महिला मोर्चा की पूर्व महामंत्री कमलेश कुसुम कुशवाहा, मंडल उपाध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, पूर्व मंडल मंत्री नीलेश त्रिपाठी, वार्ड अध्यक्ष सत्यकाम पुरोहित, महानगर के पूर्व उपाध्यक्ष संजय वाल्मीकि, पन्नालाल प्रजापति, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक आदर्श गुप्ता, पूर्व शहर मंडल महामंत्री वरुण जैन और पूर्व पार्षद प्रत्याशी प्रीति माहौर को मनोनीत पार्षद बनाया गया है।
सवा दो साल का ही मिलेगा कार्यकाल
नगर निगम में मनोनीत किए दस पार्षद विकास कार्यों के प्रस्ताव दे सकेंगे। इसके अलावा सदन की बैठक में भी हिस्सा ले सकेंगे। हालांकि, मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। लगभग सवा दो साल का ही इनका कार्यकाल होगा।
अनुभवी चेहरों के साथ ही युवाओं को भी मौका दिया गया है। मनोनीत पार्षदों के चयन में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।- सुधीर सिंह, महानगर अध्यक्ष, भाजपा
