झांसी विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराए बिना भवन और कॉलोनियां लगातार बसती जा रही हैं। जबकि जेडीए के पास नक्शा पास कराने के लिए आवेदन बेहद कम आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सालभर में जेडीए से सिर्फ 273 नक्शों को मंजूरी मिली है।
बड़ागांव गेट बाहर, बिजौली, कोछाभांवर, गरियागांव, नगरा, राजगढ़, हंसारी, अंबावाय समेत कई इलाकों में झांसी में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। पैसा बचाने के चक्कर में कॉलोनाइजर जेडीए से नक्शा पास नहीं कराते हैं। स्थिति ये बन गई है कि पहले प्लॉटिंग की जाती है। फिर सड़क, नाली, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना इंतजाम के कॉलोनी बसनी शुरू हो जाती है। कृषि की भूमि पर भी प्लॉटिंग हो रही है। जेडीए के रिकॉर्ड में सीमित कार्रवाई दर्ज है लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध निर्माण की संख्या कहीं ज्यादा बताई जा रही है। यही स्थिति भवनों की भी है। अधिकतर भवन स्वामी बिना नक्शा पास कराने ही मकान बना रहे हैं।
वहीं, प्रभारी जेडीए उपाध्यक्ष आकांक्षा राणा ने बताया कि एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक झांसी विकास प्राधिकरण की ओर से बिना नक्शा स्वीकृत हुए कॉलोनी अथवा भवन निर्माण करने पर 75 नोटिस जारी किए गए हैं। 15 के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई है। जबकि 14 अवैध अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत उपयोग में लाए जा रहे बेसमेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। नौ अवैध कॉलोनियों अथवा निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई की गई है।
