इन दिनों चल रहा आईपीएल सिर्फ क्रिकेट के शौकीनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सट्टेबाजों के लिए भी यह मनपसंद इवेंट में तब्दील हो चुका है। सटोरिये पुलिस को चकमा देने के लिए नेपाल के मोबाइल नंबर का सहारा ले रहे हैं। झांसी के 10 बड़े सटोरिये दुबई में बने एप के सहारे यह खेल रहे हैं। इसकी आईडी झांसी से छतरपुर तक बंटी है।
हवाला के जरिए पैसा होता है इधर से उधर
सूत्र बताते हैं कि सिर्फ झांसी में एक लाख से अधिक आईडी है। इसके जरिये छोटे-बड़े कारोबारी, नौकरीपेशा से लेकर छात्र तक दांव लगा रहे हैं। पुलिस भी इन बड़ी मछलियों तक नहीं पहुंच पा रही है। जानकारों का कहना है कि आईडी के आधार पर झांसी में रोजाना 60 करोड़ रुपये से भी अधिक रुपया दांव में लगता है। अधिकांश पैसा हवाला के जरिये इधर से उधर जाता है। इस क्षेत्र में ग्वालियर, आगरा के बाद सिर्फ झांसी से ही हवाला का पैसा भेजा जाता है। हवाला की अधिकांश रकम झांसी के सराफा बाजार से भेजी जाती है। पुलिस के पास भी इसके पुख्ता प्रमाण हैं।
पुलिस ने बचने के लिए यह अपनाया तरीका
पुलिस से बचने के लिए न सटोरिये न सिर्फ आईफोन का इस्तेमाल करते हैं बल्कि आपस में बातचीत करने के लिए फेस टाइम और सिग्नल एप का इस्तेमाल करते हैं। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि सट्टेबाजों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।