सागर गेट बाहर निवासी रामबाबू के बेटे ध्रुव की मौत की खबर सुनकर पड़ोस में रहने वाली बुजुर्ग बेनी बाई (78) की सदमे से जान चली गई। उनके परिजनों ने बताया कि बेनी बाई के पुत्र का भी नाम रामबाबू है। ऐसे में उनको लगा कि उनके पोते की मौत हो गई है। यह सुनते ही वह बिलखने लगीं और चंद मिनट में अचेत हो गईं। यह देख परिजनों में खलबली मच गई। परिवार के लोग होश में लाने की कोशिश में जुट गए। हाथ-पांव में मालिश शुरू कर दी। डॉक्टर के आने तक उनकी मौत हो गई।
उनके बड़े पुत्र रामबाबू ने बताया कि मां बेनी बाई बीमार रहती थीं। बुधवार सुबह चाय पीकर मां अपने कमरे में लेटी हुई थीं। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाले रामबाबू के पुत्र ध्रुव की फंदे से लटकी लाश मिली थी। किसी ने घर में आकर यह बात बताई कि रामबाबू के मोड़े ने फंदा लगाकर जान दे दी। यह सुनकर बेनी बाई को लगा कि उसके पोते ने फंदा लगाया है। वह बिलखने लगीं। परिजनों से अपने पोते को दिखाने की बात कहने लगींं। परिजन जब तक उनको समझा पाते, वह रोते-रोते अचेत हो गईं। पड़ोस में रहने वाले डॉक्टर को बुलाने पर उन्होंने उनको मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग बेनी बाई की मौत से परिवार में रोना-पिटना मच गया। रिश्तेदार भी पहुंच गए। बुधवार देर-शाम परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
