महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का पदभार मंगलवार को शासनादेश जारी होने के 378 दिन बाद प्रो. शिव कुमार ने संभाल लिया। उनका कहना है कि चिकित्सा शिक्षा और बेहतर बनाने पर फोकस रहेगा। खास बात यह कि मेडिकल कॉलेज को पांच साल बाद स्थायी प्रधानाचार्य मिला है। उनके एकाएक आने से प्रधानाचार्य दफ्तर में हलचल मच गई।
29 नवंबर 2024 को जौनपुर मेडिकल कॉलेज से भेजा गया था झांसी
बताते चलें कि मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में विगत साल 15 नवंबर की रात आग लगी थी जिसमें झुलसकर दस शिशुओं की मौत हो गई थी। करीब आठ बच्चों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसकी जांच के लिए तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डाॅ. किंजल सिंह आई थीं। उनकी जांच रिपोर्ट पर शासन ने तत्कालीन कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. एनएस सेंगर को अपने कार्यालय से संबद्ध कर लिया था। वहीं, 29 नवंबर 2024 को जौनपुर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. शिव कुमार को तैनात करने के आदेश दिए थे। प्रो. शिव कुमार के लंबे इंतजार के बाद शासन ने उप प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बना दिया। इस बीच प्रो. शिव कुमार ने अपने पूर्व तैनाती स्थान एसजीपीजीआई लखनऊ में रेडियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर का पद संभाल लिया। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि विगत दिनों शासन ने सख्त रुख अपनाते देते हुए प्रो. शिव कुमार को पदभार संभालने के आदेश दिए थे।
प्रो. शिव बोले- उपचार की व्यवस्था में होगा बदलाव
प्रो. शिव कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आने वाली समस्याओं का स्थायी निदान किया जाएगा। शिक्षा को और बेहतर बनाने पर खास फोकस होगा। 500 बेड अस्पताल और 100 बेड की क्रिटिकल यूनिट के संबंध में कहा कि जानकारी करने के बाद ही कुछ कहना संभव है। हां, इतना जरूर कहूंगा कि कार्य रफ्तार से होंगे। उपचार की व्यवस्था में बदलाव होगा। लंबे समय तक पद नहीं संभालने पर कहा कि व्यक्तिगत वजह से नहीं आ सका।
प्रो. शिव कुमार के चार्ज संभालने के दौरान खास बातचीत…
