जल संस्थान महाप्रबंधक सिद्धार्थ कुमार ने विज्ञप्ति जारी करके साफ किया है कि जिन घरों में पानी का कनेक्शन नहीं है, उनको किसी भी माध्यम से पानी का इस्तेमाल करने की वजह से वाटर टैक्स देना होगा।
बुधवार को उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पानी का कनेक्शन न होने पर जल मूल्य निरस्त कर दिया था। इस आदेश का हवाला देते हुए तमाम लोग बृहस्पतिवार को जल संस्थान कार्यालय जा पहुंचे। इन लोगों का कहना था कि उनके घरों में भी पानी का कनेक्शन नहीं है लेकिन, जल संस्थान की ओर से वसूली होती है। महाप्रबंधक सिद्धार्थ कुमार के पास भी लोग पहुंचे। महाप्रबंधक ने भवन स्वामियों को बताया कि आदेश को समझने में भ्रम पैदा होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। नियमों के मुताबिक जल संस्थान की वितरण पाइप लाइन की 100 मीटर दूरी में आने वाले सभी भवनों को निश्चित तौर पर वाटर टैक्स चुकाना होता है। पानी का कनेक्शन न होने पर भवनों को सिर्फ जल मूल्य से छूट मिलती है। उपभोक्ता फोरम ने भी सिर्फ जल मूल्य निरस्त किया है। वाटर टैक्स प्रत्येक भवन स्वामी को चुकाना होता है।
