बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश के लिए चयन में अनियमितता का आरोप सपा छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वदेश यादव ने लगाया है। राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। वहीं, बीयू प्रशासन ने पीएचडी सेल से सीटों और प्रवेश से संबंधित पत्रावलियां तलब कर ली हैं।
बीयू में आठ अक्तूबर से एक दिसंबर तक पीएचडी कोर्स वर्क के लिए विभिन्न विषयों के साक्षात्कार के बाद चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया गया। सपा छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष का आरोप है कि आरक्षण व्यवस्था को ताक पर रखकर बीयू में पीएचडी की सीटों का आवंटन किया गया। शिक्षा शास्त्र में 62 सीटों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया। अनारक्षित में 30 अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाना चाहिए था लेकिन 21 को प्रवेश मिला। जबकि ओबीसी श्रेणी में 17 सीटों के मुकाबले 24 का प्रवेश हुआ। अनुसूचित जाति श्रेणी में नौ की जगह 11 सीटों पर प्रवेश हुए। इस तरह, 12 विषयों में अलग-अलग श्रेणियों में सीटों के मुकाबले कम या फिर ज्यादा प्रवेश होने का आरोप है। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि अभी लिखित में शिकायत नहीं मिली है। मंगलवार को वह मौखिक शिकायत करने आए थे। प्रारंभिक तौर पर कोई गड़बड़ी नहीं सामने आई है। लेकिन पत्रावलियां मंगा ली गई हैं। इनकी जांच कराई जाएगी।
