नवाबाद स्थित एक प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज में थर्ड सेमेस्टर के छात्र अभय द्विवेदी उर्फ बऊआ (19) ने संदिग्ध परिस्थितियों में कॉलेज के पीछे जंगल में जाकर जहर निगल लिया। हालत बिगड़ने पर अपने बड़े भाई को फोन करके जहर निगलने की बात बताई। दोस्तों की मदद से उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
मूल रूप से जालौन के कालपी के मटरा गांव निवासी रामजी द्विवेदी का छोटा बेटा अभय पॉलिटेक्निक कर रहा था। 2 मई से उसकी परीक्षाएं आरंभ होने वाली हैं। परिजनों ने बताया कि कुछ महीने पहले ही रामजी घर आया था। चार दिन पहले खर्चे के लिए पांच हजार रुपये दिए गए। शुक्रवार देर-शाम अभय ने अपने बड़े भाई शिवम को फोन करके जहर निगल लेने की बात बताई। उसने बताया कि वह करगुआं रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर के पीछे जंगल में है। शरीर में बहुत दर्द हो रहा है। अभय ने भाई से खुद को बचाने की गुहार लगाई। शिवम ने तुरंत उसके दोस्तों को फोन करके वहां भेजा। थोड़ी देर में उसके दोस्त उसे तलाशते हुए पहुंच गए। अभय यहां अचेत हाल में पड़ा था। दोस्त उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे। उधर, कुछ देर में परिवार के लोग भी गांव से अस्पताल आ गए। परिजन उसके सुसाइड करने की वजह नहीं बता सके। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि सुसाइड की वजह मालूम नहीं चल सकी है। मामले की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
अभय की मौत के बाद चीरघर पहुंची युवती
अभय की मौत के बाद एक युवती भी चीरघर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आखिरी बार अभय का चेहरा देखना चाहती थी। परिजनों के पूछताछ करने पर उसने खुद को अभय की बहन बताया। कुछ देर ठहरने के बाद वह लौट गई। युवती को अभय के परिजन भी नहीं पहचान सके।
