फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र का लाभ लेकर एमबीबीएस में दाखिला लेने की पुष्टि होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक छात्र का दाखिला रद्द कर दिया है। अब न सिर्फ छात्र के खिलाफ विधिक कार्यवाही का फैसला लिया है बल्कि उसके स्थान पर प्रतीक्षारत छात्र को दाखिला दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में यूजी नीट की तीसरे चरण की काउंसलिंग में आगरा निवासी छात्र लक्ष्य को प्रवेश दिया गया। उसने प्रवेश के समय दिव्यांग प्रमाण-पत्र को दाखिल करके उसका लाभ लिया। कॉलेज प्रशासन को उसके दिव्यांग प्रमाण-पत्र पर शक हुआ तो उसकी विभागीय जांच कराई गई। दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारी छात्र लक्ष्य के नाम से प्रमाण-पत्र जारी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्र से गहन पूछताछ की तो उसने हकीकत उगल दी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की प्रवेश समिति ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दाखिला निरस्त कर दिया। तय हुआ कि रिक्त हुई सीट पर अब प्रतीक्षारत छात्र को दाखिला दिया जाएगा।
अब दाखिला लेने वाले सभी छात्रों के जांचे जा रहे दस्तावेज
फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से एक छात्र के दाखिला लेने का मामला खुलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने शिक्षा सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित 149 छात्र-छात्राओं की अंकतालिका, प्रमाण-पत्रों की जांच शुरू कर दी है। फोकस उन छात्र-छात्राओं पर है, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है।
गोपनीय सूचना पर प्रवेश कमेटी ने जब छात्र लक्ष्य के दिव्यांग प्रमाण-पत्र की जांच कराई तो वह फर्जी निकला। जिसके आधार पर उसका प्रवेश रद्द कर दिया है। अब रिक्त हुई एक सीट पर प्रतीक्षारत छात्र को दाखिला दिया जाएगा। अब प्रत्येक नवप्रवेशित के दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है।
डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
