नगर निगम की टीम ने मंगलवार को गृहकर बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया। मढ़िया मोहल्ले में एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और करगुवां में गैस गोदाम को सील कर दिया। वहीं, मानिक चौक में बार संचालक ने मौके पर ही चेक से पूरा बकाया जमा किया, इस पर सीलिंग नहीं की गई।
कई वर्षों से गृहकर जमा न करने वाले नगर निगम के रडार पर आ गए हैं। हफ्ते में दो दिन नगर निगम की टीम ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करने की योजना बनाई है। मंगलवार को मढ़िया मोहल्ले में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को नगर निगम ने सील कर दिया। भवन स्वामी कन्हैयालाल पर 2.71 लाख रुपये गृहकर बकाया होने पर ये कार्रवाई की गई। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि यहां पर चार-पांच दुकानें संचालित थीं। इसके अलावा करगुवां मोहल्ले में जमना गैस सर्विस गोदाम को भी नगर निगम की टीम ने सील कर दिया।
भवन स्वामी हेमलता सिंह पर नगर निगम का 3.65 लाख रुपये गृहकर बकाया था। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के करीब साढ़े तीन घंटे बाद आरटीजीएस के जरिये निगम के खाते में बकाया गृहकर का भुगतान करने पर देर शाम गैस एजेंसी की सील खोल दी गई। वहीं, मानिक चौक स्थित बुंदेला बार संचालक बाबूलाल, रामप्रकाश, कृष्ण गोपाल की ओर से 2.02 लाख रुपये गृहकर जमा नहीं किया गया था। दोपहर में टीम बार को भी सील करने पहुंची तो संचालक ने चेक से गृहकर का पूर्ण भुगतान कर दिया। ऐसे में निगम ने सीलिंग की कार्रवाई नहीं की। इस दौरान जोनल अधिकारी गौरव कुमार, राजस्व निरीक्षक योगेश शुक्ला, रितु कुशवाहा, कर अधीक्षक देवेंद्र यादव, कर निर्धारण अधिकारी राधे श्याम पटेल भी मौजूद रहे।
बकाया जमा होने के तीन दिन बाद खुली सील
नगर निगम की टीम ने नौ जनवरी को गृहकर बकाया होने पर संध्या देवी के सिविल लाइन स्थित कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया था। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को संचालक की ओर से बकाया 4.05 लाख गृहकर का पूर्ण भुगतान कर दिया गया। इस पर कॉम्प्लेक्स की सील खोल दी गई।
