प्रदेश के 20 जिलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। नियम के तहत बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की जाती है लेकिन डायरेक्टर जनरल आफ स्कूल की रिपोर्ट बताती है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एफडीए) ने इस साल अप्रैल से अब तक एक भी नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं भेजा है। निरीक्षण की रिपोर्ट भी नहीं साझा की है। ऐसे में झांसी के 1395 में अध्ययनरत 115142 और ललितपुर के 1357 स्कूलों में पढ़ने वाले 142741 बच्चों के अलावा प्रदेश के अन्य 18 जिलों के विद्यार्थियों को मनमाने तरीके से भोजन परोसा जा रहा है। हालांकि, डायरेक्टर जनरल की इस रिपोर्ट को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर नकारते हैं।

झांसी और ललितपुर समेत 20 जिलों में नहीं लिए गए नमूने

बताते चलें कि पीएम पोषण योजना का मकसद सरकारी और सहायता प्राप्त प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पौष्टिक व ताजा भोजन प्रदान करना है। एफडीए समय-समय पर बने हुए भोजन और उसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच करता है। बावजूद इसके आठ महीने से स्कूलों से मध्याह्न भोजन का नमूना नहीं लिया गया है। इससे केंद्र सरकार को भी पता नहीं चल पा रहा है कि 20 जिलों के बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता कैसी है। इसका खुलासा तब हुआ जब 27 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों की समीक्षा हुई। डायरेक्टर जनरल ऑफ स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी की 8 दिसंबर की कार्यवृत रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश के 20 जिलों (आगरा, औरैया, आजमगढ़, बलिया, बांदा, बस्ती, भदोही, चित्रकूट, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, इटावा, झांसी, कन्नौज, कौशाम्बी, ललितपुर, महोबा, शामली व सिद्धार्थ नगर) में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक भी नमूना प्रयोगशाला में जांच के लिए नहीं लिया है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को जिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है।

यह कहना है झांसी व ललितपुर के बीएसए का

झांसी के बीएसए विपुल सागर ने कहा खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मध्याह्न भोजन के नमूने लेने के लिए कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। वहीं, ललितपुर के बीएसए रणवीर सिंह का कहना है कि तीन-चार बार नमूने लेने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। कुछ समय पहले टीम नमूने लेकर गई थी मगर आज तक रिपोर्ट नहीं आई है।

झांसी जनपद में अप्रैल से अब तक मध्याह्न भोजन के 134 नमूने लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। अन्य विभाग को हम रिपोर्ट नहीं भेजते।– पवन चौधरी, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य सुरक्षा विभाग



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें