बरुआसागर में पिछले साल नगर पालिका के उपवन में सैकड़ों पेड़ काटे गए थे। शिकायत पर वन विभाग की टीम जांच करने पहुंची तो उपवन में अवैध कटान के बाद ठूंठ मिले थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच टीम ने आठ लोगों के बयान दर्ज किए। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी।

याची मुकेश कुमार नायक, वीरेंद्र कुमार कुशवाहा, रामकिशुन पाल और बालकृष्ण कुशवाहा ने बताया कि 21 फरवरी 2024 में उन्हें बरुआसागर के उपवन में पेड़ों की अवैध कटान की सूचना मिली थी। उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। जांच में पाया गया था कि 66 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया है लेकिन वन विभाग की जांच टीम ने इस मामले में न कोई रिपोर्ट दर्ज की, न कोई कार्रवाई।

मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम बनाई गई। शुक्रवार को टीम बरुआसागर के उपवन में जांच करने पहुंची। टीम ने लोगों के अलावा नगरपालिका अध्यक्ष और अधिकारियों से भी पूछताछ की। शनिवार को सभी के बयान दर्ज कराए गए और शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है।

जनप्रतिनिधि के आरा मशीन पर पहुंचाई गई थी लकड़ी

मुकेश ने आरोप लगाया कि नगरपालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रिश्तेदार की आरा मशीन है। उपवन से काटी गई लकड़ी इसी आरा मशीन पर पहुंचाई गई। इस उपवन में सागौन, शीशम, नीम सहित कई पेड़ थे, जिनकी कीमत लाखों में है। इसका आकलन भी वन विभाग ने सही से नहीं किया था।

मामला गोपनीय है। इसलिए साक्ष्य व एक-एक कर सबके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब शासन स्तर से ही कार्रवाई होगी। – नीरज आर्या, डीएफओ



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *