सदर बाजार थाने के भगवंतपुरा टोरिया मोहल्ले से लापता छठवीं के छात्र का शव घर से करीब तीन सौ मीटर दूर कुएं में मंगलवार सुबह उतराता मिला। मंगलवार को उसका बर्थडे भी था। उसकी लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मां-बाप भी रोते-बिलखते पहुंच गए। परिजन छात्र की हत्या कर कुएं में लाश फेंकने का आरोप लगा रहे हैं। अंतिम संस्कार के समय भी परिजनों ने हंगामा किया। घंटों विवाद चलता रहा। पुलिस अफसरों के समझाने पर परिजन शांत हुए।

भगवंतपुरा टोरिया निवासी रमेश अहिरवार का बड़ा बेटा अर्पण (12) पास के सरकारी स्कूल में छठवीं का छात्र था। परिजनों ने बताया कि 10 फरवरी को स्कूल में बुखार की शिकायत बताकर अध्यापक से घर जाने की छुट्टी ली थी। स्कूल से निकलकर दोस्त के साथ वह बाजार की एक दुकान पर कोल्डड्रिंक पीने चला गया। उसी दौरान पिता रमेश ने उसे वहां देख लिया। रमेश उसे पकड़कर घर ले आए। स्कूल से बहानेबाजी कर घूमने पर फटकार लगाई। कुछ देर बाद रमेश वापस काम पर चला गया। मां से दोबारा स्कूल जाने की बात कहकर अर्पण घर से निकल गया लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचा। दोपहर तीन बजे जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी तलाशने पर भी उसका पता नहीं चला। परिजनों का कहना है कि सदर बाजार पुलिस ने सुनवाई नहीं की। मंगलवार को अर्पण का जन्मदिन था। सुबह आठ बजे उसका शव घर से तीन सौ मीटर दूर कुएं में मिला। फायर ब्रिगेड टीम ने रस्सी और जाल की मदद से शव बाहर निकाला। शव काफी हद तक नष्ट हो गया था। उसने स्कूल की शर्ट और पैंट पहन रखी थी। बेटे की लाश देखते ही मां बेहोश हो गई।

अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने किया हंगामा

अर्पण के शव का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। उसका विसरा सुरक्षित रखवाया गया है। हालांकि, बच्चे के फेफड़े में पानी भरा हुआ मिला। उधर, अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर परिजन भगवंतपुरा स्थित मुक्तिधाम पहुंचे। परिजनों ने यहां हंगामा शुरू कर दिया। गांव के कुछ लोगों पर अपहरण कर हत्या करने और शव कुएं में फेंकने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि तलाश के दौरान उन लोगों ने कुएं में देखा था, लेकिन, कुएं में कुछ नहीं था। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम भी पहुंचे। उन्होंने समझाकर किसी तरह परिजनों को शांत कराया। एहतियातन गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

जेब से मिले 350 रुपये

शव बाहर आने पर उसकी जेब से 350 रुपये मिले। जेब में इतने पैसे कहां से आए, यह बात परिजन भी नहीं बता सके। उसके परिजनों का कहना है कि मां ने इतने पैसे नहीं दिए थे। आमतौर पर 10 रुपये से ज्यादा नहीं देते थे। अर्पण को जितने पैसे मिलते थे, वह मां के पास जमा कर देता था। परिजनों ने इसकी भी जांच कराने की मांग की है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बच्चे की मौत की वजह बहुत साफ नहीं हुई है। परिजनों ने जिनके ऊपर आरोप लगाए हैं, उनकी सीडीआर निकाली गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ सिटी



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