कनेक्शन कटने के डर से ही सही, उपभोक्ता अब बकाया बिल जमा करने में रुचि लेने लगे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन दिन में ही दोगुना से ज्यादा राजस्व विभाग के पास पहुंच गया। आने वाले दिनों में इसमें इजाफा की संभावना है।
बिजली विभाग की ओर से 2024 में प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई थी। इसके साथ ही 13 मार्च 2026 को यह व्यवस्था कर दी गई थी कि जीरो बैलेंस होने पर घरों की बिजली काट दी जाएगी। इस डर या असुविधा से बचने के लिए बिजली बिल जमा करने में लोगों की रुचि बढ़ गई है। 12 मार्च तक जहां झांसी जोन में 3 करोड़ 43 लाख रुपये बिजली बिल के रूप में जमा हुए थे। वहीं, 16 मार्च को यह राशि बढ़कर 7.60 करोड़ के पार चली गई।
90 हजार मीटर हो चुके हैं स्मार्ट
शहरी क्षेत्र की बात करें तो यहां एक लाख 46 हजार में से करीब 90 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। जीरो बैलेंस होने पर 14 मार्च को तीन हजार कनेक्शन काटे गए थे। वहीं, अगले दिनों में तीन हजार से ज्यादा कनेक्शन काटे गए। बिजली कटने से सीख लेने के बाद हजारों उपभोक्ताओं ने बकाया बिल की राशि जमा कराई। खास बात यह है कि कुछ लोगों ने एप के माध्यम से ही राशि जमा करा दी है। तमाम लोगों ने कैश काउंटरों पर जाकर बकाया राशि जमा की है। जोन की बात करें तो सात लाख 71 हजार में से झांसी, ललितपुर व जालौन जिले में कुल दो लाख 27 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं।
जब से जीरो बैलेंस पर बिजली कटने की व्यवस्था हुई है, बकाया राशि जमा करने के मामले में बढ़ोतरी हुई है। यह दोगुना से ज्यादा हो गई। आगे और बढ़ने की संभावना है। – केपी खान, मुख्य अभियंता, झांसी क्षेत्र
