बुंदेलखंड विवि में अकादमिक परिषद की बुधवार को हुई बैठक में दो प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस तैनात करने, नए शिक्षा सत्र से यूजी-पीजी के चार रोजगारपरक कोर्स शुरू करने पर मुहर लगी। इसके अलावा तकनीकी खामी से समर्थ पोर्टल पर गलत फार्म भरने से परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को बैक पेपर दिलाने का फैसला हुआ।

बीयू के प्रशासनिक भवन में सुबह 10 बजे अकादमिक परिषद की बैठक कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने समर्थ पोर्टल पर परीक्षा फार्म की तकनीकी खामी से बीएससी प्रथम वर्ष के कई विद्यार्थियों के विषय गलत पूरित होने (जंतु विज्ञान की जगह गणित व गणित की जगह जंतु विज्ञान) का मामला रखा। उन्होंने बताया कि विषय गलत होने की वजह से कई विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित हुए। इन विद्यार्थियों को आगामी विषम सेमेस्टर की परीक्षा में बैक पेपर देने की अनुमति दी जाए। परिषद ने अपनी सहमति दे दी।

कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को पेशेवर विशेषज्ञों से व्यावहारिक ज्ञान दिलाने के लिए दो प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस तैनात करने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद चार वर्षीय रोजगारपरक अप्रेंटिस प्रोग्राम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। तय हुआ कि नए शिक्षा सत्र से बीबीए इवेंट मैनेजमेंट, बीएससी नॉन कन्वेंशनल एंड एनवायरमेंट, बीएससी फूड टेक्नोलॉजी स्पेशलाइजेशन इन मिलेट्स टेक्नोलॉजी व एमएससी रिन्यूअल एनर्जी एंड एनवायरंमेंट पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस दौरान उप-कुलसचिव अंजुम शेख, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।

गुणवत्तापूर्ण शोध के प्रकाशन पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि

बीयू वित्त समिति की बैठक में शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव पारित हुआ। तय हुआ कि जिन शिक्षकों के शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित होंगे, उन्हें बीयू की तरफ से प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं, टीचिंग असिस्टेंट (टीए) के रूप में शिक्षण कार्य कर रहे गेस्ट टीचर का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। वित्त समिति ने अपनी मुहर लगा दी मगर बढ़ा मानदेय तय करने के लिए कमेटी गठित कर दी। कमेटी के सुझाव के अनुसार ही मानदेय बढ़ेगा।



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