शहर के बीचों-बीच मंदिरों के पास ही नहीं घर के नीचे भी शराब के ठेके चल रहे हैं। धर्माचार्यों ने आपत्ति जताते हुए ठेका हटवाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियम विरुद्ध विद्यालय और मंदिरों के आसपास ठेका चलने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
शहर के बीचों-बीच मंदिरों के पास ही नहीं घर के नीचे भी शराब के ठेके चल रहे हैं। धर्माचार्यों ने आपत्ति जताते हुए ठेका हटवाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियम विरुद्ध विद्यालय और मंदिरों के आसपास ठेका चलने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
शैक्षणिक संस्थान के पास शराब की दुकान
नियमत: शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, धार्मिक स्थल, घरों के आसपास शराब के ठेके नहीं होने चाहिए। नगर निगम सीमा के अंदर धार्मिक स्थान एवं शैक्षणिक संस्थान से 50 मीटर के अंदर शराब की दुकान नहीं हो सकती जबकि हाईवे से इसकी दूरी 220 मीटर होनी चाहिए। रिहायशी मकान के पास भी शराब का ठेका नहीं खोल सकते। मगर शहर में कई ठेके इन्हीं के आसपास चल रहे हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। प्रभावशाली लोगों का ठेका होने से आम नागरिक मुंह खोलने से कतराता है।