राजकीय इंटर कॉलेज के मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निविदा लेने वाली फर्म पर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत आईजीआरएस पर की गई है। आरोप है कि विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों के दस्तावेज लगाकर निविदा ले ली गई है। जबकि वह प्रशिक्षक कंपनी से जुड़े भी नहीं हैं। शिकायत मिलने पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने जांच शुरू कर दी है।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 20 करोड़ की लागत से मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ है। पिछले साल इसके संचालन का ठेका उठने के बाद यहां पर खेल गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। दिनेश कुमार ने आईजीआरएस पर की शिकायत में आरोप लगाया है कि जीआईसी में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का ठेका लेने वाली कंपनी ने उनके निजी प्रपत्र का इस्तेमाल किया है और निविदा हासिल कर ली है।
निविदा शर्तों में स्पष्ट है कि दो साल से संस्था में कार्यरत कर्मचारी के रूप में कोच या ट्रेनर का विवरण मांगा गया था। इसमें कंपनी की ओर से उन्हें और दो अन्य को निजी स्कूल में ट्रेनर अथवा कोच के रूप में कार्य करते दिखाया गया। जबकि वह खुद किसी अन्य जिले में शासकीय संस्थान में सेवारत हैं। उनके और अन्य सहयोगियों के निजी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर निविदा हासिल कर ली गई है। उन्होंने विद्यालय से जारी अनुभव प्रमाणपत्र की पुष्टि कराने के साथ ही मामले की जांच कराने की मांग की है।
इस मामले में स्मार्ट सिटी के एसीईओ राहुल कुमार यादव का कहना है कि शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। इस पर मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम का ठेका लेने वाली फर्म अतुल ग्राम विकास संस्थान प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया है। जवाब आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
