दिल्ली में रहने वाली आठवीं की छात्रा की पढ़ाई उसकी मां ने छुड़ा दी। वह उससे घर का कामकाज कराती। इससे नाराज होकर छात्रा घर से तीन सौ रुपये लेकर निकल गई। वह ट्रेन से मुंबई की ओर जा रही थी कि उस पर आरपीएफ की नजर पड़ गई। आरपीएफ ने झांसी स्टेशन से पकड़कर उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि अमेठी निवासी पिता दिल्ली में रहकर काम करता है। उसकी 14 वर्षीय बेटी पढ़ना चाहती है पर मां उसके साथ मारपीट करती है। पढ़ाई छुड़ा दी इसलिए छात्रा ट्रेन में बैठकर मुंबई जा रही थी। झांसी में शक होने पर आरपीएफ ने ट्रेन से उसे उतार लिया। समिति के सामने पेश किया। समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सदस्यगण परबीन खान, कोमल सिंह, दीप्ति सक्सेना, हरिकृष्ण सक्सेना को दिए बयानों में उसने बताया कि मां के खराब व्यवहार से वह घर से भागी है। पिता को बुलाकर समझाने के बाद उसके सुपुर्द कर दिया।
पिता शराबी, करता है मां से मारपीट
जालौन निवासी 12वीं की छात्रा रेलवे स्टेशन पर एक बेंच पर रोती हुई आरपीएफ को मिली। उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। उसने काउंसिलिंग के दौरान समिति को बताया कि पिता शराब पीते हैं। उसकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते। नशे में मां से मारपीट करते हैं। बचाने पर उसकी भी पिटाई की तो वह घर से भाग निकली। समिति ने पिता को बुलाकर फटकार लगाई व बेटी को उसके साथ भेज दिया।
घूमने निकली थी पकड़ी गई
14 साल की एक लड़की दिल्ली से भागकर मुंबई की ओर जा रही थी। उसकी जेब में केवल 500 रुपये थे। उसे रेलवे स्टेशन पर शक होने पर आरपीएफ ने पकड़ा। उसने बाल कल्याण समिति को बताया कि वह घूमने जा रही थी। उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
